Albinder Dhindsa कौन हैं, जो बने Zomato के नए ग्रुप CEO? फाउंडर Deepinder Goyal ने क्यों छोड़ा पद?
Albinder Dhindsa Zomato New Group CEO: जोमैटो के फाउंडर दीपिंदर गोयल ने कंपनी में ग्रुप CEO का पद छोड़ दिया है। कंपनी ने लीडरशिप में बड़े फेरबदल के तहत यह ऐलान किया है। शेयरधारकों की मंजूरी के बाद दीपिंदर ने पद छोड़ा और अल्बिंदर ढींडसा को तत्काल प्रभाव से नया ग्रुप CEO बनाया गया है। इसी के साथ कंपनी ने वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के नतीजे जारी किए।
एक्सचेंज फाइलिंग में Q3 रिजल्ट्स के साथ दीपिंदर के इस्तीफे की वजह बताई गई है। यह बदलाव जोमैटो के भविष्य पर क्या असर डालेगा, आइए जानते हैं...

Deepinder Goyal Resign Zomato Group CEO Reason: दीपिंदर गोयल ने क्यों छोड़ा पद?
दीपिंदर गोयल ने शेयरधारकों को लिखे पत्र में अपना फैसला साफ किया। उन्होंने लिखा, 'आज मैं ग्रुप CEO का पद छोड़ रहा हूं और शेयरधारकों की मंजूरी के बाद वाइस चेयरमैन के रूप में बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में बना रहूंगा। अल्बिंदर ढींडसा (अल्बी) जोमैटो के नए ग्रुप CEO होंगे।' दीपिंदर का कहना है कि वे नई चीजें आजमाना चाहते हैं, जहां ज्यादा रिस्क लेने की जरूरत है।

उनका मानना है कि पब्लिक कंपनी के स्ट्रक्चर से बाहर रहकर यह बेहतर तरीके से कर सकते हैं। जोमैटो को अब ऐसे लीडरशिप की जरूरत है जो मुख्य बिजनेस पर फोकस करे और अनुशासित हो। दीपिंदर अब भी कंपनी से जुड़े रहेंगे, लेकिन ग्रुप CEO की जिम्मेदारी से मुक्त होकर नए प्रयोग करेंगे।
Who Is Albinder Dhindsa: अल्बिंदर ढींडसा कौन हैं: ब्लिंकिट के को-फाउंडर से जोमैटो ग्रुप CEO तक
अल्बिंदर ढींडसा (अल्बी) एक भारतीय उद्यमी हैं, जो ब्लिंकिट (पूर्व में ग्रोफर्स) के को-फाउंडर और CEO हैं। यह प्लेटफॉर्म क्विक-कॉमर्स और ऑनलाइन ग्रॉसरी डिलीवरी में अग्रणी है। पटियाला (पंजाब) में जन्मे अल्बिंदर ने भारत में ई-कॉमर्स इंडस्ट्री को नई दिशा दी है। 2013 में ग्रोफर्स की स्थापना की, जो बाद में ब्लिंकिट बना।

2022 में जोमैटो ने ब्लिंकिट का अधिग्रहण किया, और अल्बिंदर CEO बने रहे। उनकी रणनीतियां जैसे 10 मिनट डिलीवरी ने बाजार में नया ट्रेंड सेट किया। अब वे जोमैटो में ऑपरेटिंग प्राथमिकताओं और बिजनेस फैसलों के लिए जिम्मेदार होंगे। ब्लिंकिट को खरीदने से ब्रेक-ईवन तक लाने में उनकी लीडरशिप की सराहना हुई है।
Albinder Dhindsa Education: आईआईटी से कोलंबिया तक का सफर

अल्बिंदर ढींडसा की शिक्षा आईआईटी दिल्ली से बीटेक और कोलंबिया बिजनेस स्कूल (न्यूयॉर्क) से एमबीए है। करियर की शुरुआत ट्रांसपोर्टेशन एनालिस्ट के रूप में की। बाद में कैम्ब्रिज सिस्टमैटिक्स और जोमैटो में हेड ऑफ इंटरनेशनल ऑपरेशंस जैसे पदों पर काम किया। 2013 में ग्रोफर्स (अब ब्लिंकिट) की स्थापना की। उनकी लीडरशिप में कंपनी भारत की सबसे तेज डिलीवरी सर्विस बनी।
Albinder Dhindsa Wife: कौन है अल्बिंदर की पत्नी?
अल्बिंदर ढींडसा की शादी अकृति चोपड़ा से हुई है, जो जोमैटो में चीफ पीपल ऑफिसर रह चुकी हैं। दोनों का वैवाहिक जीवन चर्चा में रहा है, खासकर ब्लिंकिट और जोमैटो के इंटीग्रेशन के दौरान। उनके बच्चों के बारे में सार्वजनिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।
Albinder Dhindsa Net Worth: अल्बिंदर के पास कितनी दौलत?
अल्बिंदर ढींडसा की अनुमानित नेटवर्थ 9000 करोड़ रुपये (करीब 1.1 बिलियन डॉलर) के आसपास है। कुछ रिपोर्ट्स में 230-500 करोड़ रुपये भी बताई जाती है। यह स्टॉक वैल्यू, ESOPs और निवेश पर निर्भर है। ब्लिंकिट/जोमैटो ESOP से उन्होंने 214 करोड़ रुपये से ज्यादा के शेयर वैल्यू एक्सरसाइज किए हैं।
जोमैटो के Q3 रिजल्ट्स: नेट प्रॉफिट में 73% उछाल
कंपनी ने Q3 में नेट प्रॉफिट 73% बढ़ाकर 102 करोड़ रुपये कर लिया, जो पिछले साल 59 करोड़ था। ऑपरेटिंग रेवेन्यू 201% बढ़कर 16,315 करोड़ रुपये हो गया। यह रिजल्ट्स लीडरशिप बदलाव के साथ जारी हुए। अल्बिंदर की लीडरशिप में ब्लिंकिट टॉप प्रायोरिटी रहेगा।
यह बदलाव जोमैटो के लिए नई शुरुआत है। दीपिंदर गोयल का फैसला रिस्क लेने की इच्छा से है, जबकि अल्बिंदर ढींडसा की एंट्री कंपनी को मजबूती देगी। जोमैटो का भविष्य अब अल्बिंदर के हाथों में है।












Click it and Unblock the Notifications