नरेंद्र मोदी को हराना है तो अखिलेश चलायें ये 10 तीर

Narendra Modi
लखनऊ। भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी कानपुर के बुद्ध पार्क से मिशन यूपी का आज आगाज करने जा रहे हैं। भाजपा की इस विजय शंखनाद रैली से राजनीतिक दलों में उथल-पुथल मची हुर्इ है। देश के दिग्गज नेता इसमें शमिल हो रहे है पर सभी की नज़रें मोदी के भाषणों पर टिकी रहेंगी। लोग कयास लगा रहे हैं कि इस रैली में मोदी का मेन टारगेट सपा होगी। ऐसे में मोदी के कहर से बचने के लिये अखिलेश को क्‍या करना चाहिये, यह बड़ा सवाल सभी के सामने है।

मोदी के आने वाले कहर से सपा अच्‍छी तरह वाकिफ है। वह जानती है कि प्रदेश में मोदी की लोकप्रियता दिनों-दिन बढ़ती जा रही है जिस कारण आगामी लोकसभा चुनाव में उसे खतरे की घंटी बजती साफ दिखार्इ पड़ रही है। अब सपा यदि मोदी के बढ़ते क्रेज पर अवरोध लगाना चाहती है तो उसे प्रदेश की जनता का विश्वास जीतना होगा और वह तब सम्भव होगा जब वह प्रदेश की जनता को वो सब करना होगा, जो उसने अपने चुनावी घोषणाओं के दौरान वादे किये थे। जिन्हे वह अभी तक पूरा नही कर सकी है।

राजधानी के युवाओं से बातचीत करने पर पता लगा कि चुनावी घोषणाओं को पूरा न करने के कारण युवाओं में भी भारी रोष है। उनकी माने तो आगामी चुनाव में लोगों की प्रतिकार का सामना सपा को करना पड़ेगा। अब सपा सरकार के पास केवल एक ही रास्ता बचता दिख रहा है। वह इन 10 बाणों को चलाकर अखिलेश सिथतियों को बदल सकते हैं-

1. हार्इस्कूल पास छात्रों को अभी तक टेबलेट वितरण नहीं किया गया है, जबकि इंटर पास छात्रों को लैपटॉप बांटे जा रहे हैं। सपा को यह काम जल्द से जल्द करना होगा। ताकि वह छात्रों को अपने साथ जोड़ सके। क्‍योंकि जिसने पिछले साल हाईस्‍कूल पास किया है, वह अगले साल तक 18 का हो सकता है, यानी वोट डालने योग्‍य।

2. सबसे ज्यादा सम्प्रदायिक दंगे सपा सरकार में हुए हैं इससे मुकरा नही जा सकता। उसे व्यवस्थाओं को सुधारना होगा। हिन्दू मुस्लिम एकता को स्थापित करना होगा।

3. समाज में अपराधों की संख्या निरन्तर बढ़ती जा रही है, कानून व्यवस्था कमज़ोर हो चुकी है। पुलिस के रवैये से आम जनों में आक्रोष है जिसे सुधारना होगा।

4. ग्रेजुएट हो चुके नागरिकों को नौकरी न मिलने तक बेरोजगारी भत्ता देने का वादा अभी तक नहीं निभाया गया। जिसे शीघ्र ही निभाना होगा।

5. किसानों का ब्याज माफ करने के वादे में सपा ने नया पासा फेंका और सिर्फ सरकारी बैकों से कर्ज लेने वाले किसानों को ही ऋृण माफ किया गया जिससे अन्य किसानों में रोष है।

6. अपने डेढ़ साल के कार्यकाल में अखिलेश यादव अभी तक एक भी उद्योग की नींव यूपी में नहीं डाल सके हैं, उद्योग खुलने की तो दूर की बात है अभी।

7. लखनऊ में टीसीएस, इंफोसिस, विप्रो, आदि के आने की बात चल रही थी, उसके लिये गोमतीनगर क्षेत्र में सर्वे आदि कराये गये थे, लेकिन बड़ी देशी कंपनियां भी अपनी बड़ी इकाईयां नहीं खोल रही हैं, तो अखिलेश का मल्‍टीनेशनल कंपनियों को लाने का सपना कैसे पूरा होगा।

8. बिजली की कमी पूरे यूपी को बर्बादी की कगार पर धकेल रही है। कानपुर, उन्‍नाव, प्रतापगढ़, समेत तमाम जिलों में बड़े-बड़े उद्योग सिर्फ बिजली की कमी के कारण बंद हो रहे हैं। बिजली संकट दूर करना होगा।

9. पीलीभीत, लखीमपुर, ललितपुर, भदोही, फतेहगढ़, फतेहपुर, गोंडा, बहराइच, शाहजहांपुर, आदि शहरों में तो यह आलम है कि 24 घंटे में मात्र चार घंटे बिजली मिलती है। बिजली संकट दूर करना होगा।

10. पिछड़ी जाति के लोगों को अभी तक अखिलेश सरकार से कोई खास लाभ नहीं प्राप्‍त हुआ है। उनके लिये अखिलेश को कुछ न कुछ करना ही होगा।

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