700 करोड़ की हौसला पोषण योजना में 'जूते' और निवाले साथ-साथ !
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मौजूदा सपा सरकार ने अपने कार्यकाल के आखिरी दौर में वाह-वाही के लिए एक और शिगूफा छोड़ दिया। लेकिन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सोशल मीडिया में खुद के द्वारा शेयर की गई फोटोज से ही फंस गए।
पेश है वन इंडिया की खास रिपोर्ट
योजना के बारे में जनता की राय
दरअसल बीते कल श्रावस्ती में सात सौ करोड़ की योजना की शुरूआत के मौके पर मुख्यमंत्री ने थारू जनजाति बाहुल्य ग्राम मोतीपुर कला के मजरा ढाढूपुरवा स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में गर्भवती महिलाओं व अति कुपोषित बच्चों को भी कराया। पर, जनता ने योजना को मिड-डे मील की सरीखे बताया। लोगों का कहना था कि नई-नई शुरू हुई है, देखिए कब तक चल पाती है। कुछ दिनों बाद अपना ठीकरा दूसरों पर फोड़ा जाएगा और खाने की गुणवत्ता से पैसों के चक्कर में धड़ल्ले से खिलवाड़ किया जाएगा।
खाने के पास जूते नहीं होने चाहिए सीएम साहब !
सोशल मीडिया पर सीएम अखिलेश के पेज पर शेयर की गई फोटोज में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि वे जूते पहनकर लोगों को खाना बाँट रहे हैं। जबकि उनके जूते लोगों के खाने के पास हैं। जिस पर सपा सरकार की हौसला योजना पर चुटकी लेना शुरू कर दिया गया।
तस्वीर पर लोगों ने दी प्रतिक्रिया
- लोगों ने जूतों वाली तस्वीर पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सीएम साहब कुपोषण से बचने के लिए जितना जरूरी संतुलित आहार है उतना ही साफ-सफाई भी महत्वपूर्ण है। पर आपने तो इस योजना के शुभारंभ में ही योजना की असलियत को सबके सामने रख दिया।अमित सिंह, बांदा
- बेवजह मुद्दे न तैयार किए जाएं, मुख्यमंत्री जी की इस पहल से न जाने कितने लोगों को राहत मिलेगी। वे कुपोषण जैसी भयानक बीमारी से दूर रह पाएंगे। शशांक दुबे, लखनऊ
- बहरहाल मामला स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है तो साफ-सफाई को भी महत्ता देना आवश्यक है। क्योंकि जैसा होगा अन्न वैसा होगा मन।













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