शरद पवार की विरासत पर अजित पवार का बड़ा दांव! भाभी सुनेत्र के सामने आज कहां खड़ी हैं ननद सुप्रिया सुले?
Sharad Pawar news: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में इस बार जब बारामती में अजित पवार की चुनावी किस्मत दांव पर लगी थी तो वह वोटरों से यही कह रहे थे कि 'लोकसभा चुनावों में आपने साहेब (शरद पवार) को खुश किया, अब मुझे मौका दें।' लेकिन, विधानसभा चुनावों में अप्रत्याशित जीत दर्ज करने के बाद शरद पवार के भतीजे अजित पवार का रुख और रंग पूरी तरह से बदलता नजर आया।
महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में 41 सीटें जीतने के बाद एनसीपी नेता और राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित पवार में शायद यह उम्मीद पैदा हुई है कि अब अपने चाचा और एनसीपी (एसपी) सुप्रीमो की राजनीतिक विरासत पर दावेदारी जताने के लिए उनके पास पर्याप्त मौके हैं।

चाचा के 84वें जन्मदिन पर बड़े बंगले वाला सियासी झटका!
महाराष्ट्र का चुनाव परिणाम आने के बाद ही उनकी पार्टी और खुद उनकी ओर से दिल्ली में पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं के साथ बैठक में कह दिया गया कि एनसीपी वापस राष्ट्रीय पार्टी बनने के लिए जोड़ लगाएगी। जिस दिन (12 दिसंबर,2024) एनसीपी (एसपी) सुप्रीमो शरद पवार अपना 84वां जन्मदिन मना रहे हैं, उसी दिन एक ऐसी खबर भी आई, जिससे अजित पावर के भविष्य के सियासी मंसूबे को लेकर उनका रुख और साफ हो गया।
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दिल्ली में शरद पवार के बंगले के सामने सुनेत्र पवार को मिला आवास
दरअसल, टीओआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक अजित पवार की पत्नी सुनेत्र पवार को लुटियंस दिल्ली में टाइप-7 वाला 11, जनपथ का बंगला आवंटित हुआ है। उनके पड़ोस में कांग्रेस की दिग्गज सोनिया गांधी का 10 जनपथ वाला आवास है तो सामने टाइप-8 वाले 6 जनपथ वाले बंगले में उनके चचेरे ससुर शरद पवार रहते हैं।
सुनेत्र का बंगला अजित पवार के बढ़े हुए कद का प्रमाण!
तथ्य यह है कि सुनेत्र पवार पहली बार की राज्यसभा सांसद हैं और उनको टाइप-7 वाला बंगला मिलना बड़ी बात है। क्योंकि यह वरिष्ठ सांसदों को मिलता रहा है। यह सांसदों को आवंटित होने वाले दूसरे सबसे बंगलों की श्रेणी में आता है। सुनेत्र पवार को इस बंगले के आवंटन को लेकर राजनीतिक गलियारों में यही कहा जा रहा है कि खासकर मराठा नेता के तौर पर उनके पति के बढ़े हुए कद का नतीजा है।
सुप्रिया सुले के सामने वाले बंगले में रहेंगी उनकी भाभी
लोकसभा चुनावों में महाराष्ट्र में एनसीपी को मात्र एक सीट मिली थी। सुनेत्र पवार खुद बारामती सीट पर अपनी ननद और चार बार की लोकसभा सांसद सुप्रिया सुले से हार गई थीं। इसके बाद सुनेत्र पवार इसी साल 18 जून को निर्विरोध राज्यसभा की सांसद चुनी गई थीं। अब सुनेत्र जिस बंगले में रहेंगी उसके सामने ही सुप्रिया सुले भी अपने पिता के साथ रहती हैं।
सुप्रिया के खिलाफ सुनेत्र को उतारने के लिए मानी थी गलती
विधानसभा चुनावों में अजित पवार के सामने शरद पवार ने अपने एक चचेरे पोते युगेंद्र पवार को उतारा था। शुरू में लड़ाई मुश्किल लग रही थी। तब अजित पवार बारामती सीट के वोटरों से यही कह रहे थे कि उन्होंने अपनी चचेरी बहन सुप्रिया सुले के खिलाफ लोकसभा चुनाव में पत्नी सुनेत्र को उतारकर गलती की थी।
लेकिन, इस चुनाव में उन्होंने अपने लिए इस आधार पर वोट मांगे कि 'अगर लोकसभा चुनाव में सुप्रिया हार जातीं,तो साहेब (शरद पवार) को इस उम्र में कैसा लगता, यही सोचकर आपने तब उन्हें वोट दिया, लेकिन अब विधानसभा चुनाव में मेरा ख्याल रखें....।'
रिपोर्ट के मुताबिक जनपथ का 11 नंबर वाला बंगला राज्यसभा पूल का है। इसका मतलब ये हुआ कि इसके आवंटन में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर के शहरी और आवास मामलों के मंत्रालय का हाथ नहीं है, बल्कि यह राज्यसभा की आवास समिति ने तय किया है। अलबत्ता जिस आवास में शरद पवार रहते हैं, वह जनरल पूल का है और वह जरूर मंत्रालय के नियंत्रण में है।
शरद पवार की सियासी विरासत पर अजित पवार की नजर!
मतलब,अजित पवार की ओर से लोकसभा चुनावों में चाचा की पार्टी के मुकाबले करारी हार के बाद खुद को महाराष्ट्र की राजनीति तक सीमित रखने की बात करना, फिर विधानसभा चुनावों में 'साहेब' की पार्टी के मुकाबले बड़ी जीत दर्ज करने के बाद पार्टी को राष्ट्रीय पार्टी बनाने पर फोकस करना और तत्काल बाद पहली बार की राज्यसभा सांसद पत्नी को बुजुर्ग चाचा के बंगले के सामने राष्ट्रीय राजधानी में बंगला मिल जाना, सियासी तौर पर बहुत बड़ा संकेत है।
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क्योंकि, बढ़ती उम्र की वजह से शरद पवार की एनसीपी (एसपी) की विरासत को लेकर सवालिया निशान लग रहा है। वनइंडिया अपनी एक रिपोर्ट में पहले ही बता चुका है कि सुप्रिया सुले खुद को अभी तक जमीनी राजनेता के तौर पर स्थापित करने में देर कर चुकी हैं।












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