सिंधिया के इस्तीफे पर अजीत जोगी ने कहा- कांग्रेस आलाकमान जिम्मेदार, संभल कर चलना पड़ेगा
नई दिल्ली। मध्यप्रदेश में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। लगातार चल रही सियासी अटकलों के बीच ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस पार्टी छोड़ दी है। उन्होंने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को लिखे अपने पत्र में कहा कि वह 18 वर्षों से कांग्रेस के प्राथमिक सदस्य रहे हैं, लेकिन अब राह अलग करने का वक्त आ गया है। सिंधिया के इस फैसले पर राजनीतिक बयानबाजी हो रही है। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और जेसीसी जे सुप्रीमो अजीत जोगी ने इसके लिए कांग्रेस आला कमान को जिम्मेदार ठहराया है।

अजीत जोगी ने ट्वीट कर कहा है कि सिंधिया को पीसीसी अध्यक्ष या राज्यसभा ना देकर कांग्रेस ने ऐसी भूल की कि सरकार ही चली जाएगी। ऐसे कुप्रबंधन के लिए कमलनाथ, दिग्विजय सिंह और काफी हद तक कांग्रेस आलाकमान जिम्मेदार हैं। उन्हें संभल कर चलना पड़ेगा ।
त्यागपत्र में क्या लिखा सिंधिया ने
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को भेजे त्यागपत्र में सिंधिया ने कहा, 'अपने राज्य और देश के लोगों की सेवा करना मेरा हमेशा से मकसद रहा है। मैं इस पार्टी में रहकर अब यह करने में अक्षम में हूं।' उधर, कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने एक बयान में कहा, 'कांग्रेस अध्यक्ष ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण सिंधिया को तत्काल प्रभाव से निष्कासित करने को स्वीकृति प्रदान की।"
इन-इन विधायकों ने दिया इस्तीफा
प्रदुम्न सिंह तोमर
रघुराज कंसाना
कमलेश जाटव
रक्षा संत्राव, भांडेर
जजपाल सिंह जज्जी
इमरती देवी
प्रभुराम चौधरी
तुलसी सिलावट
सुरेश धाकड़, शिवपुरी
महेंद्र सिंह सिसोदिया
ओपी एस भदौरिया
रणवीर जाटव
गिरराज दंडोतिया
जसवंत जाटव
गोविंद राजपूत
हरदीप डंग
मुन्ना लाल गोयल
ब्रिजेन्द यादव
बिसाहूलाल सिंह












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