Aircel Maxis Deal: कार्ति और पी चिदंबरम को 30 मई तक गिरफ्तारी से राहत
नई दिल्ली। दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को एयरसेल-मैक्सिस मामलों में पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति को 30 मई तक अग्रिम जमानत दे दी है। विशेष न्यायाधीश ओपी सैनी की कोर्ट में पी चिदंबरम की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एएम सिंघवी ने पेश हुए और उन्होंने दलील देते हुए अग्रिम जमानत की तारीख को आगे बढ़ाने का अनुरोध किया।

दूसरी ओर एजेंसियों की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट से मामले की जांच पूरी करने के लिए कोर्ट से और समय मांगा। बता दें कि यह मामला एयरसेल-मैक्सिस सौदे में विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की मंजूरी देने में कथित अनियमितताओं से संबंधित है। इससे पहले 26 अप्रैल को हुई इस मामले की सुनवाई में कोर्ट ने पी चिदंबरम और कार्ति की गिरफ्तारी पर 6 मई तक के लिए रोक लगाई थी।
बता दें कि एयरसेल-मैक्सिस सौदे को विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की मंजूरी दिलाने के मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो और ईडी जांच कर रही है। इससे पहले 25 मार्च को हुई सुनवाई में भी कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर 26 अप्रैल तक के लिए रोक लगाई थी। दूसरी ओर से जांच एजेंसियां कोर्ट में बार-बार ये दलील दे रही ती कि आरोपी जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं इसलिए उनको अग्रिम जमानत न दी जाए।
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