Air India Urine मामले में आरोपी शंकर मिश्रा पर चार महीने का बैन
एअर इंडिया के विमान में महिला पर पेशाब करने के आरोपी शंकर मिश्रा पर चार महीने का बैन लगाया गया है। महिला के आरोप के बाद शंकर मिश्रा को नौकरी से भी हाथ धोना पड़ा है।

Air India Urine मामले में आरोपी शंकर मिश्रा पर चार महीने का बैन लगाया गया है। विमानन कंपनी एअर इंडिया में महिला पर कथित रूप से पेशाब करने के आरोपी शंकर मिश्रा के मामला इसलिए भी सुर्खियों में रहा क्योंकि महिला के सनसनीखेज आरोपों के बाद पिता की भूमिका पर भी रिपोर्ट्स सामने आईं। आरोपी अमेरिका की मल्टीनेशनल वित्तीय सेवा कंपनी वेल्स फारगो में नौकरी करता था। विवाद के बाद कंपनी ने शंकर मिश्रा को नौकरी से निकाल दिया।

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नौकरी से निकालने के बाद क्या बोली कंपनी
कंपनी ने एक बयान में कहा, "वेल्स फारगो पेशेवर और व्यक्तिगत व्यवहार के उच्चतम मानकों का पालन करने वाले कर्मचारियों को रखता है। ऐसे आरोप बहुत परेशान करने वाले हैं। वेल्स फारगो शंकर मिश्रा से संबंध समाप्त कर चुकी है। कंपनी कानून प्रवर्तन के साथ सहयोग कर रही है और किसी भी अतिरिक्त पूछताछ या जांच के लिए हमेशा तैयार है।
उड़ान भरने पर प्रतिबंध लगा
शंकर मिश्रा पर एअर इंडिया के चार महीने के बैन के तुरंत बाद, तीन सदस्यीय स्वतंत्र आंतरिक समिति ने आरोपी को "अनियंत्रित यात्री" (unruly passenger) करार दिया। एअर इंडिया के प्रवक्ता ने कहा, पूर्व जिला न्यायाधीश की अध्यक्षता में स्वतंत्र 3-सदस्यीय आंतरिक समिति ने निष्कर्ष निकाला है कि शंकर मिश्रा "अनियंत्रित यात्री "की परिभाषा के तहत गिने जाएंगे। इसलिए नागरिक उड्डयन जरूरतों के प्रासंगिक प्रावधानों के अनुसार 4 महीने के लिए उड़ान भरने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
दूसरे विमानों में भी सफर पर रोक
एअर इंडिया के प्रवक्ता के अनुसार, शंकर मिश्रा को पहले ही एयरलाइन की "नो फ्लाई लिस्ट" में डाला जा चुका है। एअर इंडिया प्रवक्ता ने बताया, "एअर इंडिया ने नागरिक उड्डयन महानिदेशक (DGCA) के साथ आंतरिक समिति की रिपोर्ट की एक प्रति भी साझा की है। इस संबंध में देश में संचालित अन्य एयरलाइनों को भी सूचित किया जाएगा।
शंकर मिश्रा जमानत अर्जी में क्या बोले ?
20 जनवरी तक हिरासत में भेजे गए शंक मिश्रा ने अदालत में दाखिल जमानत याचिका में कहा था कि वह भविष्य में भी पुलिस के साथ सहयोग करना जारी रखेंगे और जांच में हर तरह से सहयोग करेंगे। अपराध स्थल यानी विमान पहले वाली स्थिति में नहीं यानी खराब (vitiated) हो चुका है। शंकर मिश्रा के वकील ने कहा, नो-फ्लाई सूची में डाले जाने के जोखिम के बावजूद आवेदक स्वेच्छा से जांच समिति के पास पहुंचे और महिला के साथ सौहार्दपूर्ण ढंग से मामले को निपटाने की मांग भी की। फरार होने या उड़ान जोखिम की संभावना नहीं है। आवेदक न्यायालय के निर्देशों या शर्तों का पालन करने को भी तैयार है। जमानत की अपील में शंकर मिश्रा ने कहा कि वे पुलिस के साथ सहयोग करने का इरादा रखते हैं, निरंतर कारावास से कोई उद्देश्य पूरा नहीं होगा।
क्या है पूरा मामला
बता दें कि दिल्ली पुलिस ने शंकर मिश्रा को 6 जनवरी 2023 को बेंगलुरु से गिरफ्तार किया था। मिश्रा ने पिछले साल 26 नवंबर को एअर इंडिया की एक फ्लाइट की बिजनेस क्लास में नशे की हालत में 70 वर्षीय एक महिला पर कथित तौर पर पेशाब किया था। महिला ने एअर इंडिया के पास कंप्लेन की। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने 4 जनवरी को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 354, 509 और 510 और भारतीय विमान अधिनियम की धारा 23 के तहत एफआईआर दर्ज कर आरोपी शंकर मिश्रा को 6 जनवरी को बेंगलुरू से अरेस्ट किया।












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