68 साल बाद एयर इंडिया की हुई घर वापसी, रतन टाटा बोले-वेलकम बैक Air India!
नई दिल्ली, अक्टूबर 08: सरकारी स्वामित्व वाली एयर इंडिया करीब 68 साल बाद फिर से टाटा समूह के पास लौट आई है। शुक्रवार को सरकार की ओर से इस बारे में आधिकारिक ऐलान किया गया। टाटा संस की इकाई टैलेस प्राइवेट लिमिटेड ने 18000 करोड़ रुपये के साथ एयर इंडिया की नीलामी जीत ली। यह सौदा इस साल दिसंबर के अंत तक पूरा हो जाने की उम्मीद है। इस खास मौके पर रतन टाटा ने ट्वीट कर खुशी जाहिर की है।
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टाटा ग्रुप के चेयरमैन रतन टाटा ने ट्विटर पर ट्वीट कर लिखा 'वेलकम बैक होम'। इसके साथ ही रतन टाटा ने ट्विटर पर एक पुरानी तस्वीर को शेयर किया है। इस तस्वीर में कंपनी के पूर्व चेयरमैन जेआरडी टाटा की तस्वीर है। अपने संदेश में रतन टाटा ने लिखा कि एयर इंडिया का टाटा समूह के पास लौटना एक अच्छी खबर है। ये स्वीकार करने वाली बात है कि एयर इंडिया को फिर से बनाने में बहुत मेहनत लगेगी। साथ ही एविएशन मार्केट में इससे टाटा समूह को पहुंच बढ़ाने का ठोस अवसर मिलेगा।
रतन टाटा ने यह भी कहा, 'एक वक्त ऐसा था, जब एयर इंडिया ने जेआरडी टाटा के नेतृत्व में 'दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित एयरलाइंस में से एक' के तौर पर ख्याति बटोरी थी। अब टाटा ग्रुप के पास वह इमेज और प्रतिष्ठा फिर से बनाने का मौका होगा, जो एयर इंडिया के शुरुआती सालों में थी। अगर आप जेआरडी टाटा हमारे बीच होते तो वे बेहद खुश होते।'
बता दें कि 1932 में जेआरडी टाटा ने एयर इंडिया को टाटा एयरलाइंस के नाम से लॉन्च किया था। 1946 में टाटा एयरलाइंस का नाम बदल कर के एयर इंडिया कर दिया गया। 1953 में सरकार ने एयर इंडिया को टाटा से खरीद लिया था। साल 2000 तक यह सरकारी एयरलाइन मुनाफे में चलती रही। इसके बाद टाटा के बुरे दिनों की शुरुआत हो गई। जिसके बाद साल दर साल एयर इंडिया गर्त में चली गई।
टाटा को एयर इंडिया के अलावा सब्सिडरी एयर इंडिया एक्सप्रेस का भी शत प्रतिशत नियंत्रण मिलेगा। वहीं, एआईएसएटीएस में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी पर कब्जा होगा। आपको यहां बता दें कि एआईएसएटीएस प्रमुख भारतीय हवाईअड्डों पर कार्गो और जमीनी स्तर की सेवाओं को उपलब्ध कराती है। विनिवेश नियमों के मुताबिक टाटा को एयर इंडिया के घरेलू हवाई अड्डों पर 4,400 घरेलू और 1,800 अंतरराष्ट्रीय उड़ान के लैंडिंग की मंजूरी मिलेगी।












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