Air India Plane Crash: सभी के मैच हो गए DNA, लेकिन एक ऐसा शव जिसकी नहीं हो पाई पहचान, क्यों हो रही है देरी?
Air India Plane Crash Update News: 12 जून का वो दिन कोई नहीं भूल सकता, जब अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 टेकऑफ के कुछ ही पलों बाद हादसे का शिकार हो गई। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 259 शवों की पहचान हो चुकी है, पर एक ऐसा शव है जिसकी पहचान आज भी एक मौन सवाल बना हुआ है -आखिर कौन है वो?
विमान में सवार 242 लोगों में से 241 लोगों की जिंदगी एक झटके में खत्म हो गई, लेकिन जो सबसे बड़ा सवाल अब सामने है, वो मृतक कौन है? कौन है वो व्यक्ति जिसका इंतजार अब भी कोई मां, कोई बहन, कोई बेटा, या शायद कोई पिता कर रहा है?

अहमदाबाद सिविल अस्पताल के अधीक्षक राकेश जोशी ने बताया, "260 शवों में से 259 की पहचान हो चुकी है, जिनमें 240 यात्री और 19 अन्य स्टाफ शामिल हैं। लेकिन एक यात्री की DNA रिपोर्ट अब भी लंबित है। जब तक वह रिपोर्ट नहीं आती, हम उसके परिवार को कोई जवाब नहीं दे सकते।"
अधीक्षक राकेश जोशी ने कहा, ''दुर्घटना स्थल को अभी भी साफ किया जा रहा है। जब तक हमें यकीन नहीं हो जाता कि कोई और पीड़ित नहीं मिलने वाला है, हम अंतिम मृतक संख्या की पुष्टि नहीं कर सकते।"
रिपोर्ट के मुताबिक जिस यात्री की पहचान नहीं हो पाई है, वह भारतीय नागरिक ही है...क्योंकि एयर इंडिया विमान में सवार सभी 52 ब्रिटिश नागरिक, 7 पुर्तगाली और 1 कनाडाई नागरिक की पहचान की जा चुकी है और उन सभी के शव उनके परिजनों को सौंप दिए गए हैं। इस हादस में विमान में सवार एकमात्र जीवित बचे शख्स का नाम विश्वासकुमार रमेश है।
256 शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं, 253 की पहचान DNA से और 6 की पहचान चेहरे से हुई
बचाव दल ने अब तक 256 शव परिजनों को सौंप दिए हैं। इनमें से 253 की पहचान DNA के जरिए और 6 की पहचान चेहरे से हुई। ब्रिटेन के 52 नागरिकों की भी पहचान हो चुकी है, और 49 शवों को उनके देश भेजा जा चुका है।
लेकिन एक शव, अब भी अस्पताल में है - बिना नाम, बिना पहचान। अब उसके DNA रिपोर्ट आने का इंतजार है। अब तक उसके परिवार वाले भी अस्पताल नहीं पहुंचे हैं।
एयर इंडिया हादसे में जान गंवाने वाले सभी शवों को सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जा रहा है, ऐसे में एक शव अब भी अधूरी पहचान के साथ पड़ा है।
जले हुए अवशेषों से भी पहचान की कोशिश
एयर इंडिया विमान हादसे के बाद, फॉरेंसिक विशेषज्ञ उन शवों की भी पहचान करने में जुटे हैं जो हादसे में बुरी तरह जल गए थे। अधिकारियों के मुताबिक जले हुए अवशेषों से भी डीएनए नमूने निकालने की कोशिश की जा रही है ताकि आखिरी अज्ञात शव की भी पहचान संभव हो सके।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "हम परिजनों को क्लोजर देने की हरसंभव कोशिश कर रहे हैं। आधुनिक और उन्नत तकनीकों का इस्तेमाल हो रहा है ताकि एक भी मृतक की पहचान अधूरी न रह जाए।"
राज्य के स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इतने बड़े हादसे के बावजूद इतने कम समय में 253 शवों की डीएनए के जरिए पहचान कर लेना अपने आप में एक रिकॉर्ड है। उन्होंने बताया कि सभी पहचान अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार की गई है, ताकि परिजन अंतिम संस्कार और मुआवजे से जुड़ी प्रक्रिया बिना किसी कानूनी अड़चन के पूरी कर सकें।












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