क्या एयर इंडिया क्रैश की जांच रिपोर्ट झूठी है? 100 हादसों की जांच कर चुके एक्सपर्ट का चौंकाने वाला खुलासा
Air India Crash Report Controversy: अहमदाबाद एयर इंडिया विमान हादसा 2025 की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सामने आ चुकी है। विमान क्रैश से ठीक एक माह बाद, 12 जुलाई को विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने 15 पेज की रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट इस ओर इशारा कर रही है कि हादसा पायलट की गलती से हुआ था। जांच रिपोर्ट पर AAIB के पूर्व चीफ अरबिंदो हांडा, हादसे में मारे गए एक छात्र के पिता, रिटायर्ड एयर मार्शल संजीव कपूर और पायलट एसोसिएशन ने कई सवाल उठाए हैं।
AAIB की जांच रिपोर्ट पर उठ रहे सवालों से यह संदेह पैदा होता है कि क्या यह रिपोर्ट असली है या फर्जी? अहमदाबाद विमान हादसे की शुरुआती जांच गंभीरता से की गई है या फिर सिर्फ खानापूर्ति? इस सवाल का जवाब तो आने वाले दिनों में मिलेगा। फिलहाल आप उन चार लोगों और संस्थाओं के तर्क जानिए, जिन्होंने जांच रिपोर्ट पर आपत्ति जताई है।

1. अरबिंदो हांडा-किस पायलट ने सवाल पूछा और किसने दिया जवाब?
अरबिंदो हांडा वो शख्स हैं, जिन्होंने साल 2020 में केरल के कोझीकोड में हुए एयर इंडिया एक्सप्रेस विमान हादसे समेत 100 से ज्यादा प्लेन क्रैश की जांच की है। अब 12 जुलाई 2025 को अहमदाबाद एयरपोर्ट के पास एयर इंडिया फ्लाइट AI-171 दुर्घटना की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट पर उन्होंने गंभीर सवाल उठाए हैं।
दैनिक जागरण अखबार में छपी खबर के अनुसार, अरबिंदो हांडा ने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं कि एयर इंडिया विमान हादसा 2025 की जांच में विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने शानदार काम किया है, मगर प्रारंभिक जांच रिपोर्ट से पायलटों की भूमिका पर निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।

AAIB द्वारा रिपोर्ट जारी करने के एक दिन बाद ही रविवार को हांडा ने कहा कि हमें AAIB को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से जांच पूरी करने की अनुमति देनी चाहिए। किसी भी विमान दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए शुरुआती जांच रिपोर्ट पर्याप्त नहीं होती।

उनके अनुसार, AAIB को यह भी स्पष्ट करना होगा कि ईंधन स्विच क्यों और कैसे हिले और क्या कोई यांत्रिक या विद्युत संबंधी खराबी हुई थी। एयर इंडिया वाले केस में पायलटों की भूमिका तय करने से पहले इन तकनीकी पहलुओं की पड़ताल जरूरी है।
AAIB की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के अनुसार, अहमदाबाद सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट से 12 जून 2025 की दोपहर 1 बजकर 38 मिनट पर लंदन गैटविक एयरपोर्ट के लिए उड़ान भरने के तीन सेकंड बाद ही दोनों इंजनों के फ्यूल सप्लाई स्विच 'रन' से 'कट-ऑफ' हो गए थे।
अरबिंदो हांडा का कहना है कि कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डिंग में एक पायलट यह कहते सुना गया, "तुमने स्विच क्यों बंद कर दिया?" और दूसरा पायलट जवाब देता है, "मैंने नहीं किया।" पूरी रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि सवाल किस पायलट ने पूछा और किसने उत्तर दिया।
उनका कहना है कि विदेशी मीडिया में यह धारणा बनाई जा रही है कि इस हादसे के लिए पूरी तरह पायलट जिम्मेदार थे। जबकि विमानन क्षेत्र के अनुभवी लोगों को ऐसी अटकलों से बचना चाहिए।

2. मृत छात्र के पिता ने उठाए सवाल, सख्त कार्रवाई की मांग
अहमदाबाद विमान हादसे में कुल 260 लोग मारे गए। इनमें 241 लोग विमान में सवार थे-229 यात्री, 10 क्रू मेंबर और दो पायलट। मरने वालों में 19 वर्षीय छात्र संकेत गोस्वामी भी था। उसके पिता अतुल गोस्वामी ने भी AAIB की प्रारंभिक रिपोर्ट पर सवाल उठाए हैं।
अतुल गोस्वामी ने कहा कि वे इस रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं हैं। सरकार को इसकी सख्त जांच करवानी चाहिए। उन्होंने कहा-"मेरा 19 साल का बेटा संकेत हमारा इकलौता सहारा था। 12 जून को वह एयर इंडिया के विमान से तीन साल के लिए पढ़ाई करने लंदन जा रहा था। हादसे में उसकी मौत हो गई। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाए।"

3. शुरुआती जांच रिपोर्ट कई संदेह पैदा करती-रिटायर्ड एयर मार्शल
AI-171 विमान हादसे की जांच रिपोर्ट पर रिटायर्ड एयर मार्शल संजीव कपूर ने भी डाउट जताया। नोएडा में ANI से बातचीत में उन्होंने कहा-"रिपोर्ट कई संदेह पैदा करती है। इंजन क्यों फेल हुए? पायलट ने मेडे कॉल दिया, जो गंभीर आपात स्थिति में दी जाती है। रैम एयर टर्बाइन (RAT) के सक्रिय होने का मतलब है कि पूरा इलेक्ट्रिकल सिस्टम और दोनों इंजन फेल हो गए।
उन्होंने कहा कि 787 मैनुअल की समीक्षा करने पर पता चलता है कि अगर दोनों इंजन बंद हो जाएं, तो लीवर को मैन्युअल रूप से फिर से चालू करना पड़ता है। उनके अनुसार पायलट विमान उड़ा रहे थे और तभी इंजनों में फेल्योर हुआ।

4. पायलट एसोसिएशन ने जांच रिपोर्ट पर जताई आपत्ति
वहीं, विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो की रिपोर्ट पर एयरलाइन पायलट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने भी आपत्ति जताई है। एसोसिएशन ने कहा-"रिपोर्ट का लहजा और दिशा पायलट की गलती की ओर झुकाव दिखाते हैं। हम इस धारणा को स्पष्ट रूप से खारिज करते हैं और निष्पक्ष, तथ्य-आधारित जांच की मांग करते हैं।"
एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि रिपोर्ट किसी जिम्मेदार अधिकारी के हस्ताक्षर या अधिकारिक जानकारी के बिना मीडिया में लीक कर दी गई। जांच में पारदर्शिता का अभाव है और गोपनीयता की आड़ में इसकी विश्वसनीयता कमजोर हो रही है। साथ ही, योग्य और अनुभवी कर्मियों, खासकर लाइन पायलटों को जांच दल में अब भी शामिल नहीं किया गया है।
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