Air India ने 260 मौतों के बाद भी नहीं लिया सबक? बिना वैध लाइसेंस उड़ाए 8 विमान, यात्री कबतक 'बलि का बकरा'?
Air India ARC Violations OI Exclusive: 12 जून 2025 का वह काला दिन अभी भी हर उस परिवार के सीने पर चुभ रहा है, जहां एक अपनों की कमी महसूस हो रही है। अहमदाबाद हवाई अड्डे से लंदन रवाना होने वाला एयर इंडिया का बोइंग 787 विमान महज 32 सेकंड में आसमान से धरती पर गिर गया, और 260 जिंदगियां खाक हो गईं। लेकिन क्या सबक लिया गया? नहीं। अब फिर एक बड़ी लापरवाही सामने आई है।
एक एयरबस A320 विमान बिना वैध 'एयरवर्थनेस रिव्यू सर्टिफिकेट' (ARC) के आठ कमर्शियल उड़ानें भर चुका। DGCA ने विमान को ग्राउंड कर दिया, जिम्मेदार कर्मियों को सस्पेंड कर दिया। क्या यह सिर्फ एक 'गलती' है, या एयर इंडिया की सुरक्षा संस्कृति में गहरी सड़न? Oneindia Hindi Exclusive रिपोर्ट में हम एविएशन एक्सपर्ट डॉ. (कैप्टन) सिकंदर रिजवी से खुलकर बात कर रहे हैं, जो कहते हैं - यह 'लेवल-1' उल्लंघन है, जो किसी भी वक्त विनाशकारी हादसे को जन्म दे सकता है। आइए, खोलते हैं इस लापरवाही की परतें...

Ahmedabad AI171 Crash Updates: जून का काला अध्याय- 260 मौतें, जो इतिहास की सबसे दर्दनाक कहानी
12 जून 2025 को अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट से लंदन गैटविक के लिए उड़ान भरने वाला एयर इंडिया फ्लाइट AI171 - एक बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर - टेकऑफ के महज कुछ सेकंड बाद ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल ब्लॉक में जा घुसा, जहां आग की लपटों ने सब कुछ राख कर दिया। 241 यात्रियों और क्रू मेंबर्स समेत कुल 260 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 19 जमीन पर मौजूद मासूम छात्र भी शामिल थे। केवल एक यात्री चमत्कारिक रूप से बच पाया।
प्रारंभिक जांच रिपोर्ट (12 जुलाई 2025 को जारी) में खुलासा हुआ कि टेकऑफ के ठीक बाद दोनों इंजनों का फ्यूल कंट्रोल स्विच 'रन' से 'कटऑफ' हो गया, जिससे थ्रस्ट खत्म हो गया। आग की तीव्रता इतनी थी (1,500 डिग्री सेल्सियस) कि शवों की पहचान DNA टेस्ट से ही संभव हुई - 28 जून तक सभी 260 शवों की पहचान हो गई।
नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने 1 दिसंबर 2025 को राज्यसभा में बताया, 'सभी संभावित कारणों की जांच चल रही है। प्रारंभिक रिपोर्ट तथ्यों पर आधारित है।' उन्होंने जोर दिया कि DGCA ने विमानों के सुरक्षित संचालन के लिए सख्त नागरिक उड्डयन विनियम (CAR) बनाए हैं। मुआवजे की प्रक्रिया भी जारी है- 237 परिवारों को 25 लाख रुपये अंतरिम मुआवजा मिल चुका, शेष सत्यापन में हैं। टाटा ट्रस्ट ने 86 परिवारों (जिनमें 6 क्रू मेंबर्स के) को 1-1 करोड़ की अनुग्रह राशि दी। 75 घायलों में 43 को पूर्ण मुआवजा, 24 को अंतरिम - बाकी प्रक्रिया में। लेकिन सवाल वही है - क्या ये आंकड़े उन 260 जिंदगियों की भरपाई कर पाएंगे?
Air India ARC Violations: नई लापरवाही का खुलासा- बिना ARC के आठ उड़ानें, यात्रियों की जान दांव पर?
अब ताजा मामला है- 26 नवंबर 2025 को एयर इंडिया ने DGCA के सामने कबूला- 'एक एयरबस A320 (VT-TQN, 164 सीटर) ने वैध ARC के बिना आठ राजस्व उड़ानें (नवंबर 24-25) भरीं। ARC विमान की वार्षिक 'उड़ान योग्यता समीक्षा प्रमाणपत्र' है, जो मेंटेनेंस रिकॉर्ड, फिजिकल कंडीशन और सभी सुरक्षा मानकों की जांच के बाद जारी होती है। यह मुख्य 'सर्टिफिकेट ऑफ एयरवर्थनेस' (C of A) का वैलिडेशन है - बिना इसके विमान उड़ाना गंभीर उल्लंघन व मौत का न्योता माना जाता है।
DGCA ने तुरंत विमान ग्राउंड, जिम्मेदार कर्मियों को डी-रोस्टर (सस्पेंड) किया। एयर इंडिया आंतरिक जांच में, सिस्टम कमियां सुधारने को कहा गया। ARC प्रक्रिया जारी है।
Air India Mistake: क्यों हुई यह चूक? विस्तारा मर्जर की जटिलताएं
यह मामला 2024 में विस्तारा के एयर इंडिया में विलय से जुड़ा है। मर्जर के तहत 70 विस्तारा विमानों का पहला ARC नवीनीकरण DGCA द्वारा किया जाना था। 69 विमानों के लिए संतोषजनात्मक अनुपालन के बाद ARC जारी हो चुके, लेकिन 70वें के लिए आवेदन के बाद इंजन चेंज के लिए विमान ग्राउंड हो गया। इसी दौरान ARC एक्सपायर हो गया, लेकिन इंजन चेंज के बाद इसे सर्विस में छोड़ दिया गया - बिना नोटिस के।
DGCA ने एयर इंडिया से स्पष्टीकरण मांगा है। पिछले कुछ महीनों में DGCA ने एयर इंडिया को क्रू शेड्यूलिंग और रोस्टरिंग गलतियों पर कई बार फटकार लगा चुकी है। कुछ हफ्ते पहले एक पायलट ने बिना अनिवार्य सुधारात्मक ट्रेनिंग के उड़ान भरी थी।
सुरक्षा पर सवाल: जून का सबक कब सीखेगी एयर इंडिया?
एक्सपर्ट्स चेताते हैं - यह लेवल-1 उल्लंघन, सीधा खतरा। जून के बाद बोइंग 787 पर टेकऑफ चेक लागू, लेकिन सिस्टमिक फेलियर बरकरार। एविएशन एनालिस्ट कहते, 'रूटीन नाइट-हॉल्ट में ARC चेक न होना चिंताजनक।'
Oneindia Hindi ने एविएशन एक्सपर्ट व सीनियर पायलट डॉ. (कैप्टन) सिकंदर रिजवी (Dr. (Captain) Senior Pilot Sikandar Rizvi) से बात की। वे कहते हैं- ' लेवल-1 उल्लंघन सबसे खतरनाक। पायलट मेडिकल अनफिट हो, लेकिन लाइसेंस करेंट - कान में प्रॉब्लम, सुनाई न दे, आंखों में दिक्कत, फिर भी उड़ान। रेडियो इंस्ट्रक्शन गलत सुन लिया, तो हादसा पक्का। मेडिकल रिस्ट्रिक्शन के बावजूद रोस्टर में पायलट का नाम देना - गैरकानूनी और अपराध है। जांच में दोषी पाए जाने पर, सस्पेंशन से ज्यादा, क्रिमिनल केस हो सकता है। अगर, पायलट ने छुपाया तो 420 मना जाएगा। कंपनी ने DGCA से छुपाकर 125 घंटे से ज्यादा पायलट को उड़ाने की कोशिश की, तो कंपनी का लाइसेंस सस्पेंड हो सकता है। ARC लैप्स मतलब, यात्रियों की जान जोखिम में। जून का हादसा साबित करता - सुधार न हुआ तो अगली कयामत पक्की।'
आगे का रास्ता: सख्ती बरकरार रखें, वरना इतिहास दोहराएगा
DGCA जांच रिपोर्ट का इंतजार। लेकिन बड़ा सवाल - क्या एयर इंडिया 'ऑपरेशनल इंटेग्रिटी' सुधारेगी? यात्रियों से अपील: फ्लाइट स्टेटस हमेशा चेक करें। सरकार: सिस्टम ऑडिट, सजा सुनिश्चित। जून की 260 चीखें चेतावनी दे रही - सुरक्षा पहले! एयर इंडिया, अब जागो - वरना अगली सुर्खी खून से लिखी जाएगी।
संपर्क: अधिक जानकारी dgca.gov.in पर। Oneindia Hindi की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट।












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