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    अयोध्या विवाद: मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की बैठक में बवाल

    By Vikash
    |

    नई दिल्ली। कोर्ट से बाहर अयोध्या विवाद का हल निकालने की श्रीश्री रविशंकर की कोशिशों को झटका लगा है। बाबरी मस्जिद विवाद और तीन तलाक के मुद्दे पर चर्चा के लिए हैदराबाद में आयोजित ऑल इंडिया मुस्‍लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की बैठक में विवाद की खबर है। विवाद इतना बढ़ गया था कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य दो हिस्सों में बंट गए। इस बैठक में शामिल सलमान हुसैन नदवी ने आरोप लगाया कि कमाल फारूकी और क़ासिम रसूल इलियास ने उनके साथ बदतमिजी की। उन्होंने कहा कि ऐसा लग रहा था जैसे कुछ लोग पहले से हंगामे की योजना बना कर आए थे।

    बाबरी मस्जिद पर बंटा मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड

    बाबरी मस्जिद पर बंटा मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड

    नदवी ने कहा कि हंबली मसलक के मुताबिक, मस्जिद दूसरी शिफ्ट की जा सकती है। हम मस्जिद में बुत नहीं रख रहे, बल्कि मस्जिद शिफ्ट करने की बात कर रहे हैं। ये देश और मुसलमानों के हित में है। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि पर्सनल लॉ बोर्ड देश को बड़े दंगे की आग में झोंकने की तैयारी में है। उन्होंने कहा की बातचीत का रास्ता खुला रहेगा। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का हैदराबाद में तीन दिवसीय 26वां अधिवेशन शुरू हुआ। रात में पहले दिन की बैठक के बाद बोर्ड के कार्यकारी सदस्य और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआइएमआइएम) सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने बताया कि अयोध्या मामले पर पर्सनल लॉ बोर्ड के पुराने रुख में कोई बदलाव नहीं आया है। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत के दौरान बोर्ड का बयान भी पढ़कर सुनाया। इसमें कहा गया कि बोर्ड अपनी दिसंबर 1990 और जनवरी 1993 वाले प्रस्ताव पर कायम है।

    अयोध्या विवाद का हल कोर्ट के बाहर सुलह-समझौते से निकालने की कोशिश को झटका

    अयोध्या विवाद का हल कोर्ट के बाहर सुलह-समझौते से निकालने की कोशिश को झटका

    अयोध्या विवाद का हल कोर्ट के बाहर सुलह-समझौते से निकालने की श्रीश्री रविशंकर की ताजा कोशिशों को दूसरे ही दिन मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने खारिज कर दिया। हैदराबाद में हुई बोर्ड की बैठक में पदाधिकारियों ने कहा कि उसे सुप्रीम कोर्ट का फैसला ही मंजूर होगा। गुरुवार को आर्ट ऑफ लिविंग के श्रीश्री रविशंकर ने मुस्लिम प्रतिनिधियों के साथ बैठक की थी। इसमें बोर्ड के सदस्य मौलाना सैयद सलमान हुसैन नदवी ने मस्जिद दूसरी जगह बनाने की राय जाहिर की थी। बोर्ड के मुताबिक, यह जमीन मस्जिद के लिए है और इसे न तो बेचा जा सकता है और न ही गिफ्ट किया जा सकता है। एक बार मस्जिद को दी गई जमीन अल्लाह की हो जाती है। इस मामले पर समझौते के लिए की गई सभी बातचीत बिना किसी नतीजे की ही खत्म हुई है।

    'राम मंदिर निर्माण का रास्ता साफ करने के लिए एक कानून बनाना चाहिए'

    'राम मंदिर निर्माण का रास्ता साफ करने के लिए एक कानून बनाना चाहिए'

    विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया ने एक बार फिर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला है। शुक्रवार को औरंगाबादमें एक कार्यक्रम के दौरान तोगड़िया ने कहा कि देश की जनता ने मोदी सरकार कोअयोध्या में राम मंदिर बनाने के लिए चुना था, न कि तीन तलाक पर कानून बनाने के लिए। तोगड़िया ने कहा कि सरकार को जल्द से जल्द राम मंदिर निर्माण का रास्ता साफ करने के लिए एक कानून बनाना चाहिए, ताकि इसका निर्माण जल्द हो सके।

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    English summary
    AIMPLB Dismisses Out-of-Court Settlement Idea in Babri Masjid -Ram Janmabhoomi Dispute
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