'जब गुजरात जल रहा था, तब आप रेल मंत्री थे, इतिहास याद रखेगा...', ओवैसी ने नीतीश पर BJP को लेकर कसा तंज
Asaduddin Owaisi News: एआईएमआईएम प्रमुख और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी बिहार के सीमांचल क्षेत्र में अपने दो दिवसीय दौरे पर हैं। जहां उनकी पार्टी ने 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में पांच सीटें जीती थीं

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने शनिवार को बिहार के पूर्वोत्तर सीमांचल क्षेत्र के अपने दो दिवसीय दौरे की शुरुआत की है। इस दौरान पूर्णिया में असदुद्दीन ओवैसी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को मजबूत करने का आरोप लगाया।
पूर्णिया के बैसी में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा, 'बीजेपी को मजबूत करने के लिए इतिहास आपको (नीतीश) याद रखेगा।'
2002 के गुजरात दंगों के संदर्भ में असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, "जब गुजरात जल रहा था, तब नीतीश कुमार रेल मंत्री थे। अगर उन्हें लगता है कि मजलिस (एआईएमआईएम) मुसलमानों की पार्टी है, तो उन्हें याद रखना चाहिए कि वह कुर्मी और कुशवाहा से आगे नहीं बढ़ सकते है।''
सीएम नीतीश कुमार की जनता दल-यूनाइटेड और राजद बिहार में सत्तारूढ़ गठबंधन पार्टी है, जिसे महागठबंधन कहा जाता है।
एआईएमआईएम को सिर्फ मुस्लिमों की पार्टी बताने वाले नीतीश कुमार के बयान पर ओवैसी ने कहा, 'नीतीश कुमार को अपने भीतर झांकना चाहिए। वह अभी तक बिहार में कुर्मी और कोयरी जातियों की छाया से बाहर नहीं आए हैं।'
इस दौरान असदुद्दीन ओवैसी ने आरजेडी को भी नहीं बख्शा। उन्होंने कहा, 'राजद नेता द्वारा इस्तेमाल किए गए धन की ताकत से लोगों द्वारा चुने गए लोग हार गए।'
बता दें कि 2020 के विधानसभा चुनावों में एआईएमआईएम ने सीमांचल में पांच सीटों पर जीत हासिल की थी। ये इलाका पिछड़ा हुआ है, जिसमे मुसलमानों की उच्च आबादी है। पिछले साल उनमें से चार राजद में चले गए हैं।
ओवैसी ने कहा, "न तो (केंद्रीय गृह मंत्री) अमित शाह और न ही नीतीश कुमार ने पूर्णिया में आयोजित अपनी जनसभाओं में सीमांचल के विकास के मुद्दों को उठाया।" ओवैसी ने सीमांचल विकास परिषद (एसडीसी) का मुद्दा उठाया और कहा कि उनकी पार्टी पूर्णिया में एक नागरिक हवाई अड्डे, सड़क संपर्क और क्षेत्र में बाढ़ से निपटने के लिए लड़ाई जारी रखेगी।
सीमांचल के विभिन्न क्षेत्रों में मुसलमानों की आबादी 30-70% है, जिसमें पूर्णिया, कटिहार, अररिया और किशनगंज के चार जिले शामिल हैं। इस क्षेत्र में 24 विधानसभा और चार लोकसभा सीटें हैं, जिनमें 10 मुस्लिम विधायक और एक मुस्लिम सांसद हैं।












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