एम्स में प्राइवेट रूम लेकर इलाज कराना हुआ महंगा, लगेगी 5 फीसदी जीएसटी, जानें कितना हुआ किराया?

नई दिल्ली, 21 जुलाई: केंद्र सरकार की ओर से हाल ही में अस्पताल के प्राइवेट रूम पर 5 फीसदी की जीएसटी लगाई है। इसके बाद अब देश के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान एम्स में भी अब इलाज महंगा हो गया है। एम्स के प्राइवेट वार्ड में पांच प्रत‍िशत जीएसटी लागू करने का आदेश जारी किया गया है। ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस के फाइनेंस डिविजन की तरफ से 20 जुलाई को जारी आदेश में कहा गया है कि प्राइवेट वार्ड के डीलक्स रूम का चार्ज अब बढ़ गया है।

पांच फीसदी जीएसटी लगने के बाद किराया रोजाना 6300 रुपये होगा

पांच फीसदी जीएसटी लगने के बाद किराया रोजाना 6300 रुपये होगा

एम्स में डीलक्स रूम का किराया प्रतिदिन का 6000 हजार रुपए होता है। अब पांच फीसदी जीएसटी लगने के बाद इसका किराया रोजाना 6300 रुपये होगा। इसे लेकर बुधवार को एम्स प्रशासन की तरफ से आदेश जारी करते हुए उसे नोट‍िफाई कर दिया गया। इसके साथ ही दो महीने बाद एक बार फिर से डीलक्स रूम में इलाज कराना और महंगा हो गया है। इससे पहले मई में एम्स प्रशासन ने डीलक्स कमरों के दैनिक किराए में बढ़ोत्तरी की थी। इसके अलावा अगर अटेंडेंट भी खाना खाता है तो यह चार्ज 6900 रुपए रोजाना हो जाएगा।

66000 रुपये जमा कराना होगा 10 दिन का किराया

66000 रुपये जमा कराना होगा 10 दिन का किराया

अब तक बी श्रेणी के प्राइवेट वार्ड में भर्ती होने वाले मरीजों को 10 दिन के लिए अग्रिम शुल्क कुल 33,000 रुपये व डीलक्स श्रेणी के प्राइवेट वार्ड में भर्ती होने के लिए कुल 63,000 रुपये अग्रिम शुल्क जमा करना होता था। बुधवार को जारी हुआ में आदेश में कहा गया है कि डीलक्‍स कमरे लेने वाले मरीजों को अब भर्ती होने के पहले 10 दिन का एडवांस शुल्‍क भी जमा कराना होगा। जिसमें 10 दिन का डीलक्‍स कमरे का किराया, 5 फीसदी जीएसटी और डायट चार्ज शामिल होगा। लिहाजा 66000 रुपये जमा कराना होगा

खाने का चार्ज बढ़ाकर 300 रुपए रोजाना कर दिया गया

खाने का चार्ज बढ़ाकर 300 रुपए रोजाना कर दिया गया

कुछ महीने पहले ही एम्स ने प्राइवेट वार्ड के किराए में बढ़ोतरी की थी। ए कैटगरी प्राइवेट वार्ड का किराया 3000 रुपए रोजाना से बढ़ाकर 6000 रुपए कर दिया गया था। बी-कैटगरी के वार्ड का किराया 2000 रुपए से बढ़ाकर 3000 रुपए रोजाना कर दिया गया था। दोनों कैटगरी के रूम रेंट में एडमिशन चार्ज शामिल है और इस नई दर को 1 जून को लागू की गई थी। इसी दौरान खाने का चार्ज बढ़ाकर 300 रुपए रोजाना कर दिया गया था। इस बढ़ोत्तरी के बाद एम्स की तरफ से बयान जारी कर कहा गया था कि 10 दिनों के एडवांस के आधार पर ए-कैटिगरी के लिए चार्ज 63000 रुपए और बी-कैटिगरी के लिए यह चार्ज 33000 रुपए बनता है।

जीएसटी सिर्फ नॉन आईसीयू वार्ड पर लगाई गई है

जीएसटी सिर्फ नॉन आईसीयू वार्ड पर लगाई गई है

फिलहाल देश के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान एम्स में कुल 3194 बेड्स हैं। इसमें 288 बेड्स ही प्राइवेट हैं बाकी 2906 बेड्स जनरल वार्ड के हैं। एम्स के अलावा देश में अन्य चिकित्सा संस्थानों और अस्पतालों में 5000 से अधिक कीमत वाले प्राइवेट्स रूम में 5 फीसदी जीएसटी लगनी शुरू हो गई है। हालांकि ये जीएसटी नॉन आईसीयू वार्ड पर लगाई गई है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+