AI Summit Protest: एआई समिट में प्रदर्शन कर बुरी तरह फंसी कांग्रेस, अखिलेश यादव ने भी किया किनारा
AI Summit Protest: एआई समिट के दौरान यूथ कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस के लिए यह प्रदर्शन गले की हड्डी बनता दिख रहा है। सहयोगी समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी इस मुद्दे पर किनारा कर लिया है। उन्होंने कहा कि विदेशी प्रतिनिधियों की मौजूदगी में हंगामा करना उचित नहीं है। उनका बयान ऐसे समय आया है जब उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव अगले ही साल हैं और विपक्षी एकजुटता पर सवाल उठने लगे हैं।
अखिलेश यादव ने प्रदर्शन की आलोचना करते हुए कहा कि हमारी स्पष्ट राय है कि इस तरह की हरकत नहीं होनी चाहिए थी। अखिलेश यादव अब तक कांग्रेस के साथ मजबूती से खड़े रहे हैं। इस प्रदर्शन के बाद कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से अलग-थलग नजर आ रही है। अगले साल यूपी में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सवाल उठ रहे हैं कि क्या समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के रास्ते अलग हो जाएंगे।

Akhilesh Yadav ने प्रदर्शन पर जताई नाराजगी
अखिलेश यादव ने कहा, 'जब दुनिया भर के डेलीगेट्स आए हों, तब हमें ऐसा हंगामा नहीं करना चाहिए। इसके पक्ष में मैं नहीं हूं। सरकार से लड़ाई हमारा आंतरिक मामला है।' उनके इस बयान को राजनीतिक हलकों में कांग्रेस से दूरी के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। बीएसपी सुप्रीमो मायावती भी इस प्रदर्शन की आलोचना कर चुकी हैं और इसे शर्मनाक हरकत बताया।
AI Summit Protest: दिल्ली पुलिस ने दर्ज किया केस, जांच जारी
- दरअसल, एआई समिट के दौरान यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया था, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई की।
- Delhi Police ने बयान जारी कर कहा कि प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि यह प्रदर्शन नेपाल में हुए 'Gen-Z' प्रोटेस्ट से प्रेरित था।
- पुलिस ने कहा कि सोशल मीडिया पर चल रहे ट्रेंड और कुछ डिजिटल कैंपेन की भी जांच की जा रही है।
UP Election से पहले ही कांग्रेस-सपा में दूरी
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यूपी चुनाव से पहले यह घटनाक्रम विपक्षी दलों के बीच समन्वय की चुनौती को उजागर करता है। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच पहले भी सीट बंटवारे और रणनीति को लेकर मतभेद सामने आते रहे हैं। अब अखिलेश यादव का यह बयान संकेत देता है कि वह अंतरराष्ट्रीय मंचों पर विरोध की राजनीति से दूरी बनाए रखना चाहते हैं।
कांग्रेस के प्रदर्शन पर बीजेपी हमलावर
भाजपा इस मुद्दे को 'राष्ट्र की छवि' से जोड़कर विपक्ष पर निशाना साध रही है। पार्टी का कहना है कि ऐसे आयोजनों में देश की प्रतिष्ठा सर्वोपरि होनी चाहिए। कुल मिलाकर, AISummit का यह विवाद अब चुनावी मुद्दा बनता दिख रहा है, जहां एक ओर राष्ट्रीय छवि और कानून-व्यवस्था की बात हो रही है, तो दूसरी ओर लोकतांत्रिक अधिकारों की। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्या विपक्ष इस मुद्दे पर साझा रणनीति बना पाता है या चुनाव से पहले राजनीतिक दूरियां और बढ़ती हैं।












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