Indigo Flight Divert Reason: क्या एक और होने वाला था Flight हादसा? 144 यात्रियों की हवा में अटकीं सांसे
Ahmedabad To Dibrugarh Indigo Flight Divert Reason: उत्तर-पूर्व भारत में अचानक आई भीषण धूल भरी आंधी ने एक बार फिर एविएशन सेफ्टी की अहमियत साबित कर दी। अहमदाबाद से डिब्रूगढ़ जा रही इंडिगो की फ्लाइट (6E-6457) में सवार 144 यात्रियों की सांसें हवा में अटक गईं, जब डिब्रूगढ़ एयरपोर्ट पर विजिबिलिटी 'खतरनाक रूप से कम' हो गई। फ्लाइट क्रू ने तुरंत फैसला लिया और प्लेन को मणिपुर के इम्फाल डायवर्ट कर दिया - इससे बड़ा हादसा टल गया।

क्या हुआ था? पूरी घटना क्रमवार
इंडिगो फ्लाइट 6E-6457 अहमदाबाद से गुवाहाटी होते हुए डिब्रूगढ़ जा रही थी। यह गुवाहाटी के लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (LGBIA) से सुबह 10:20 बजे रवाना हुई और डिब्रूगढ़ पर 11:15 बजे लैंडिंग शेड्यूल थी। फ्लाइट के पहुंचते ही डिब्रूगढ़ में तेज धूल भरी आंधी (Severe Dust Storm) आ गई। विजिबिलिटी मिनिमम सेफ्टी लिमिट से काफी नीचे चली गई - जमीन पर सुरक्षित लैंडिंग असंभव हो गई।
फ्लाइट क्रू ने रिस्क नहीं लिया और प्लेन को सबसे नजदीकी सुरक्षित विकल्प - इम्फाल के बीर टिकेंद्रजीत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर डायवर्ट कर दिया। डिब्रूगढ़ एयरपोर्ट डायरेक्टर बंगजीत साहा ने पुष्टि की: 'विजिबिलिटी मिनिमम सेफ ज़रूरतों से कम थी। खराब हालात बने रहने पर इम्फाल डायवर्ट किया गया।' इम्फाल में कुछ देर रुकने के बाद, जब धूल भरी आंधी थमी और विजिबिलिटी ठीक हुई, तो एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने क्लियरेंस दिया। फ्लाइट दोपहर 1:20 बजे डिब्रूगढ़ पहुंची - मूल शेड्यूल से लगभग 2 घंटे लेट। सभी 144 यात्री सुरक्षित रहे, कोई चोट नहीं आई।
क्यों इतना डरावना था यह पल?
धूल भरी आंधी (Dust Storm) में विजिबिलिटी शून्य के करीब हो सकती है, जिससे पायलट को रनवे नहीं दिखता। लैंडिंग में सबसे छोटी गलती भी बड़ा हादसा कर सकती है। क्रू ने सही समय पर डायवर्ट करके यात्रियों की जान बचाई - यह एविएशन में 'सेफ्टी फर्स्ट' का क्लासिक उदाहरण है।
अहमदाबाद कनेक्शन और पुराना हादसा
फ्लाइट अहमदाबाद से शुरू हुई थी, इसलिए कुछ रिपोर्ट्स में इसे 'अहमदाबाद इंडिगो फ्लाइट' कहा गया। लेकिन कोई हादसा अहमदाबाद में नहीं हुआ - बस डिब्रूगढ़ पहुंचने पर समस्या आई। ध्यान दें: 2026 में कोई बड़ा एयर इंडिया क्रैश अहमदाबाद में नहीं हुआ (पुरानी घटनाओं से कन्फ्यूजन हो सकता है, जैसे 1988 का एयर इंडिया क्रैश जहां 260 लोगों की मौत हुई थी, लेकिन वह अलग मामला है)। यहां सिर्फ डायवर्शन हुआ, कोई क्रैश नहीं।
मौसम का अपडेट
उत्तर-पूर्व (असम) में फरवरी में कभी-कभी धूल भरी आंधी और कोहरा आम है, लेकिन इतनी तेज कि फ्लाइट डायवर्ट हो जाए - यह असामान्य है। अधिकारियों ने मौसम पर नजर रखी और ऑपरेशंस बहाल किए।
फ्लाइट ट्रैवल करने वाले यात्रियों को हमेशा मौसम अपडेट चेक करें और एयरलाइन ऐप से लाइव स्टेटस देखें। इंडिगो ने भी सेफ्टी प्रोटोकॉल फॉलो करके अच्छा काम किया।












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