संयोग या संकेत? जिस नंबर से था प्यार उसी ने ली जान! 1206 बना विजय रूपाणी के जीवन का आखिरी चैप्टर!
Ahmedabad Plane Crash: गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी (Vijay Rupani) की मौत गुरुवार को हुए एयर इंडिया विमान हादसे में हो गई। लेकिन इस दर्दनाक हादसे की सबसे चौंकाने वाली बात वो नंबर है जिससे रूपाणी की जिंदगी भर की गहरी आस्था जुड़ी रही।
गुजरात के पूर्व सीएम 1206 नंबर को अपनी किस्मत का प्रतीक मानते थे। अब ये नंबर उनके निधन की तारीख (12-06) बन गया। ये केवल एक इत्तेफाक नहीं, बल्कि किस्मत का वो मोड़ है जिसने उनके 'लकी नंबर' को 'लीथल' (मौत का कारण) बना दिया।
गुरुवार को एयर इंडिया की फ्लाइट AI 171 अहमदाबाद से लंदन के गैटविक एयरपोर्ट जा रही थी। विमान ने दोपहर 12:10 बजे उड़ान भरी और कुछ ही मिनटों में क्रैश हो गया। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 265 लोगों की मौत की खबर है, जिनमें विजय रूपाणी भी शामिल थे।

गुजरात बीजेपी अध्यक्ष सीआर पाटिल ने रूपाणी की मौत की पुष्टि करते हुए कहा कि, हमारे नेता और पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी लंदन अपने परिवार से मिलने जा रहे थे। वे भी इस हादसे के शिकार हुए। ये बीजेपी के लिए एक बहुत बड़ी क्षति है।'
लकी नंबर 1206 - जो बन गया अंतिम तारीख
रिपोर्ट्स के मुताबिक, विजय रूपाणी न्यूमेरोलॉजी (अंक ज्योतिष) में गहरी आस्था रखते थे। उन्होंने अपने स्कूटर से लेकर सभी कारों तक का नंबर 1206 ही रखा था। यहां तक कि उनके घर की टू-व्हीलर पर भी यही नंबर था।
लेकिन...
- उन्होंने जिस फ्लाइट में सफर किया, उसकी सीट थी: नंबर 12
- बोर्डिंग की टाइमिंग थी: दोपहर 12:10 बजे
- और जिस दिन हादसा हुआ, तारीख थी: 12 जून यानि 12-06
- एक ही नंबर बार-बार...एक ही संकेत दे रहा था...और अंत में वही नंबर मौत की तारीख बन गया!
बेटी से मिलने जा रहे थे रूपाणी
रिपोर्ट्स के मुताबिक, विजय रूपाणी लंदन अपनी बेटी से मिलने जा रहे थे। उनकी पत्नी अंजलि रूपाणी पहले से ही लंदन में थीं। परिवार से जुड़ने का ये सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन गया। पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की बेटी राधिका रूपाणी अपने पति नीमित मिश्रा के साथ लंदन में रहती हैं। दोनों ही पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं और फिलहाल अपने-अपने प्रोफेशनल करियर में व्यस्त हैं।
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एक नेता जिसकी पहचान थी सादगी
विजय रूपाणी का राजनीतिक सफर राजकोट के मेयर से शुरू हुआ था। वो हमेशा सादगी, संगठन और बीजेपी के मूल सिद्धांतों से जुड़े रहे।
- 1996-97: राजकोट मेयर
- 2006-12: राज्यसभा सांसद
- 2014-16: कैबिनेट मंत्री (परिवहन, श्रम, जल आपूर्ति)
- 2016-21: गुजरात के 16वें मुख्यमंत्री
जब 'लकी' बना 'लास्ट': 1206 की कहानी यहीं खत्म हुई
जिस नंबर पर विजय रूपाणी को सबसे ज्यादा भरोसा था, जो उनकी गाड़ियों की पहचान था, वही नंबर उनके जीवन की सबसे बड़ी त्रासदी बन गया। '1206' सिर्फ एक तारीख नहीं रहा, बल्कि अब एक प्रतीक है- एक विश्वास, एक संयोग और एक चौंकाने वाला अंत।
गुजरात के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस कनन देसाई ने पीटीआई को बताया कि 265 शव अस्पताल पहुंच चुके हैं। विमान में सवार एक ब्रिटिश नागरिक विश्वशकुमार रमेश चमत्कारिक रूप से हादसे में बच निकले। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) गुजरात चैप्टर के प्रमुख डॉ. मेहुल शाह ने बताया कि हादसे में 3 मेडिकल स्टूडेंट्स की मौत हुई है, जबकि कई छात्र घायल हैं और अस्पताल में भर्ती हैं। रिपोर्ट के मुताबिक जमीन पर मौजूद कम से कम 24 लोगों की भी मौत की खबर है।
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