सीट बंटवारे के ऐलान के बाद एनडीए में हड़कंप, सबसे ज्यादा बीजेपी सांसद परेशान
पटना। महीनों तक चली जद्दोजहद के बाद आखिरकार एनडीए के घटक दलों के बीच सीट बंटवारे पर सहमति बन गई। बिहार की 40 लोकसभा सीटों में से 17-17 सीटों पर बीजेपी और जेडीयू अपने उम्मीदवार उतारेंगी, जबकि 6 सीटों पर लोजपा लड़ेगी। बीते रविवार को बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने जब सीट बंटवारे का ऐलान किया तब सभी के चेहरे पर खुशी नजर आई, लेकिन सीट बंटवारे के ऐलान के साथ ही बीजेपी के कई सांसदों की बेचैनी बढ़ गई।

कौन सी सीट किस दल के खाते में जाएगी? अभी किसी को कुछ नहीं पता
सीट बंटवारे पर सहमति बनने के बाद एनडीए में इस बात पर फैसला होना बाकी है कि किस सीट पर कौन सा दल चुनाव लड़ेगा। ऐसे में बीजेपी, जेडीयू और लोजपा के मौजूदा सांसद इस बात को लेकर परेशान हैं कि उन्हें 2019 में उसी सीट से टिकट मिलेगा या नहीं। कहीं ऐसा न हो कि जेडीयू की कोई सीट लोजपा के हिस्से में चली जाए। या बीजेपी की कोई सीट जेडीयू के हिस्से में चली गई तो मौजूदा सांसदों के सारे समीकरण उलट जाएंगे। खबर है कि बीजेपी की खाते वाली नवादा सीट पर लोजपा दावा कर रही है। ऐसे गिरिराज सिंह किस सीट से लड़ेंगे? यह सवाल बना हुआ है। इस तरह से कई सीटें और हैं, लोजपा के पास हैं, जिन पर जेडीयू दावा कर रही है।

एनडीए के सभी घटक दलों के सांसदों की नीदें उड़ीं
किस सीट पर कौन चुनाव लड़ेगा? एक तो इसे लेकर एनडीए में गफलत मची हुई है। दूसरी परेशानी यह है कि बीजेपी के हिस्से में इस बार केवल 17 सीटें आई हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में बीजेपी 29 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़कर 22 पर जीतने में सफल रही थी। 2014 लोकसभा चुनाव में जेडीयू ने एनडीए से अलग चुनाव लड़ा था। उस वक्त बीजेपी और उसके सहयोगियों को यानी- लोजपा और रालोसपा के साथ सीटों के तालमेल में कोई दिक्कत हुई नहीं थी, क्योंकि दलों की संख्या कम थी। इस बार जेडीयू ने बीजेपी के बराबर सीटों की मांग करके सारा समीकरण पलट दिया। 2019 में बीजेपी केवल 17 सीटों पर लड़ी थी, इसकाा मतलब यह हुआ कि बीजेपी के 22 सिटिंग एमपी में से 5 का टिकट तो अपने आप ही कट गया। इसके अलावा कुछ ऐसे भी होंगे, जिनका टिकट जीत के समीकरण न बैठ पाने या काम न कर पाने की वजह से कट जाएगा। कुछ बागी भी हैं, जिनकाा टिकट कटना लगभग तय है। मतलब एनडीए के सभी घटक दलों के सांसदों की नीदें इस समय उड़ी हुई हैं।

तीन सीटों पर तो स्थिति साफ बाकी दो पर फंसा पेंच
बीजेपी के बागियों की बात करें तो पटना साहिब से शत्रुघ्न सिन्हा और दरभंग से सांसद कीर्ति आजाद उन लोगों में शामिल हैं, जिनकी टिकट 2019 में सबसे पहले काटा जा सकता है। बेगूसराय से सांसद भेला सिंह का कुछ दिनों पहले ही निधन हो गया। मतलब 3 सीटों पर तो बीजेपी के लिए कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन दो अन्य सीटें कौन सी होंगे, जिनके सांसदों के टिकट कटेंगे, इस लेकर गणित बिठाया जा रहा है।












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