Article 370 हटाने के तुरंत बाद अमित शाह ने अपने फेसबुक पर लिखा ये मैसेज

Article 370 हटाने के बाद अमित शाह ने अपने फेसबुक पर लिखा ये मैसेज

नई दिल्ली। राज्यसभा में भारी हंगामे के बीच गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने का प्रस्ताव पेश कर दिया। इस दौरान जहां कांग्रेस, सपा, टीएमसी, पीडीपी, नेशनल कॉन्फ्रेंस और वाम दलों ने सरकार के फैसले का विरोध किया, तो वहीं बहुजन समाज पार्टी, आम आदमी पार्टी, वाईएसआर कांग्रेस और टीडीपी सरकार के साथ खड़े हुए नजर आए। कांग्रेस में भी कई नेताओं ने पार्टी लाइन से अलग जाकर इस प्रस्ताव पर सरकार का समर्थन किया। राज्यसभा में चर्चा के बाद यह प्रस्ताव ध्वनिमत से पारित हो गया। इस प्रस्ताव के पास होने के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट करते हुए बड़ी बात कही।

'अब जम्मू-कश्मीर में दो निशान, दो संविधान नहीं रहेंगे'

'अब जम्मू-कश्मीर में दो निशान, दो संविधान नहीं रहेंगे'

राज्यसभा में प्रस्ताव पास होने के बाद अमित शाह ने ट्वीट करते हुए कहा, 'आज, मोदी सरकार ने लंबे समय से अपेक्षित एक ऐतिहासिक गलती को ठीक कर दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को हमारी मातृभूमि की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने के लिए उनकी अटूट प्रतिबद्धता पर बधाई। यह ऐतिहासिक निर्णय जम्मू कश्मीर और लद्दाख क्षेत्र में शांति और विकास की एक नई सुबह की शुरूआत करेगा। कश्मीर हमेशा से भारत का अभिन्न अंग रहा है, लेकिन यह निर्णय यह सुनिश्चित करेगा कि अब जम्मू-कश्मीर में दो निशान, दो संविधान नहीं रहेंगे। यह निर्णय उन सभी देशभक्तों के लिए एक श्रद्धांजलि है, जिन्होंने एक अखंड भारत के लिए अपना सर्वस्व बलिदान किया। पूरे देश को बधाई।'

अब कोई भी घाटी में संपत्ति खरीद सकेगा

अब कोई भी घाटी में संपत्ति खरीद सकेगा

आपको बता दें कि गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को राज्यसभा में जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने का प्रस्ताव पेश किया था। राष्‍ट्रपति के हस्‍ताक्षर के बाद अब यह कानून राज्‍य से हट गया है और जम्‍मू-कश्‍मीर राज्‍य को मिला विशेष राज्‍य का दर्जा खत्‍म हो चुका है। इसके साथ ही जम्मू कश्मीर को विधानसभा वाले केन्द्र शासित प्रदेश का दर्जा मिल गया है, वहीं लद्दाख भी जम्‍मू-कश्‍मीर से अलग होकर बिना विधानसभा वाला केंद्र शासित प्रदेश बन गया है। दरअसल, आर्टिकल 370 जम्मू कश्मीर को एक विशेष राज्य का दर्जा देता था, जिसके तहत केंद्र सरकार जम्मू कश्मीर को लेकर कोई बड़ा फैसला नहीं ले सकती थी। इस फैसले के बाद अब कोई भी भारतीय, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में संपत्ति खरीद सकेगा। यानी राज्य में संपत्ति खरीदने से रोकने वाले भेदभावपूर्ण प्रावधानों को समाप्त कर दिया गया है।

महिलाओं को मिला संपत्ति का अधिकार

महिलाओं को मिला संपत्ति का अधिकार

इस फैसले का सीधा मतलब है कि महिलाओं को संपत्ति का अधिकार मिलेगा भले ही वो एक ऐसे व्यक्ति से शादी करने का फैसला करें जो जम्मू और कश्मीर का रहने वाला नहीं है। इसके अलावा, विस्थापित कश्मीरी पंडित अब अपने वतन लौटने, अपना घर और दुकानें खरीदने के सपने को साकार कर सकते हैं। धारा 370 पर फैसले के बाद भारत में रहने वाला कोई भी नागरिक अगर चाहे तो जम्मू-कश्मीर में घर, प्लॉट, खेती की जमीन, दुकान आदि को खरीद सकेगा। नई व्यवस्था के लागू होने के बाद राज्य के अंदर प्रॉपर्टी के रेट बढ़ेंगे और रियल इस्टेट बाजार में भी तेजी देखने को मिलेगी। पहले केवल राज्य का निवासी ही संपत्ति को खरीद सकता था और भारतीयों को संपत्ति खरीदने पर रोक थी। ऐसी स्थिति के कारण कश्मीर के लोगों को नौकरियों का नुकसान हुआ।

BJP विधायक ने शुरू की जमीन खरीदने की प्रक्रिया

BJP विधायक ने शुरू की जमीन खरीदने की प्रक्रिया

जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी के एक विधायक ने कश्मीर में जमीन खरीदने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। गोरखपुर जिले की गोरखपुर शहर विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के विधायक राधा मोहन दास अग्रवाल ने सरकार के फैसले पर खुशी जाहिर करते हुए कहा, 'जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के फैसले से देश में एक नए युग की शुरुआत हुई है। मैंने कश्मीर में जमीन खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और कश्मीर में अपने कुछ जानने वाले लोगों से इस बारे में बात भी की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह कदम ऐतिहासिक है और हमारे शहीद जवानों के लिए सच्ची श्रद्धांजलि है।'

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