नोएडा: पार्क में नमाज पढ़ने पर पाबंदी के बाद लोगों का सवाल, हम कहां जाएं
नई दिल्ली। नोएडा के सेक्टर 58 में जिस तरह से स्थानीय प्रशासन ने सार्वजनिक जगह पर जुमे की नमाज अदा करने पर पाबंदी लगा दी है। ऐसे में इस इलाके में काम करने वाले लोगो को नमाज पढ़ने के लिए जगह की मुश्किल हो रही है। सेक्टर 58 स्थित नोएड अथॉरिटी पार्क में बड़ी संख्या में लोग जुमे की नमाज पढ़ते थे। यहां अधिकतर वह लोग नमाज पढ़ने आते थे जोकि कपड़ा बनाने वाली कंपनियों में काम करते थे। लेकिन इन तमाम लोगों को अब उनकी कंपनी की ओर से नोटिस भेज दिया गया है कि वह सार्वजनिक जगह पर नमाज अदा नहीं करे। ऐसे में ये लोग अब सवाल पूछने लगे हैं कि आखिर हम कहां नमाज पढ़े।

हर शुक्रवार होता था जमावड़ा
पार्क में हर शुक्रवार सैकड़ो की संख्या में लोग नमाज अदा करने के लिए आते थे। यहां नमाज पढ़ने के लिए आने वाले आलम का कहना है कि हम अधिकतर लोग मजदूर हैं जोकि यूपी, बिहार, पश्चिम बंगाल से यहां काम करने के लिए आए हैं। यह पार्क ही एकमात्र जगह थी जहां हम नमाज पढ़ सकते थे, यहां हम हर शुक्रवार को इकट्ठा होते थे। यहां नमाज मोहम्मदिया ट्रस्ट की ओर से कराया जाता था, जिसमे पुलिसवाले भी नमाज अदा रने के लिए आते थे।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला
वहीं डीएम ब्रजेश नारायण सिंह ने कहा कि आपको यहां नमाज अदा करने के लिए उसकी इजाजत लेने की जरूरत है जिसका यह पार्क है। यह पार्ट नोएडा अथॉरिटी का है और उन्होंने इसकी इजाजत नही दी है। कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए पुलिस ने यहां लोगों को नमाज पढ़ने से मना कर दिया है। पुलिस ने इसके लिए 2009 के सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला दिया है जिसमे कोर्ट ने कहा था कि बिना इजाजत सार्वजनिक जगहों पर धार्मिक कार्यक्रम नहीं किया जा सकता है। डीएम का कहना है कि यह नियम सिर्फ एक धर्म के लिए बल्कि सभी धर्मों पर लागू होता है।
एक आदमी ने बनाया वीडियो
डीएम ने स्थानीय एसएचओ की नोटिस का समर्थन करते हुए कहा कि उन्होंने सही कदम उठाया है। हालांकि उन्होंने साफ किया है कि इस नोटिस के बाद कंपनियों को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाएगा और उनसे बात की जाएगी। पार्क में नमाज अदा करने वाले इमाम अख्तर का कहना है कि हम यहां पांच साल से नमाज अदा कर रहे थे। लेकिन 7 दिसंबर से मुश्किल शुरू हुई जब एक आदमी यहां आया और कहा कि हम यहा नमाज नहीं अदा कर सकते। उसने हमारी वीडियो बनानी शुरू कर दी, उसने कहा कि अगर हमने नमाज अदा की तो मुश्किल होगी। हालांकि उस व्यक्ति ने अपनी पहचान नहीं बताई।
बजरंग दल है इसके पीछे
सेक्युरिटी गार्ड भान सिंह दामी ने बताया कि जिस व्यक्ति ने वीडियो बनाया वह बजरंग दल का व्यक्ति है, उसने खुद मुझे बताया था, लेकिन उसने अपना नाम नहीं बताया। इस घटना के बाद राशिद, अख्तर ने डीएम और नोएडा पुलिस को पत्र लिखा था और नमाज की इजाजत मांगी साथ ही सुरक्षा की भी मांग की थी। 14 दिसंबर को जब हम यहां नमाज पढ़ने पहुंचे तो यहां पुलिस बल मौजूद था। हमे लगा कि ये हमारी सुरक्षा के लिए आए हैं लेकिन उन लोगों ने हमे यहां नमाज पढ़ने से मना कर दिया। जिसके बाद प्रशासन ने यहां नमाज पढ़ने पर पाबंदी लगा दी।
इसे भी पढ़ें- Year 2018: गठबंधन की राजनीति को कैसे धार दे गया यह साल












Click it and Unblock the Notifications