सांसदों को नहीं देश में लोकतंत्र को सस्पेंड किया गया: राघव चड्ढा
सांसदों को सस्पेंड किए जाने पर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए राघव चड्ढा ने कहा कि देश के लोकतंत्र का यह काला दिन है। मैं यह नहीं कहूंगा कि कुछ सांसद सस्पेंड हुए हैं, बल्कि मैं बेबाकी से यह बात कहना चाहता हूं कि लोकतंत्र को सस्पेंड हुआ है। आज इस देश में कोई भी सख्स भाजपा सरकार से सवाल करता है तो उसे या तो गिरफ्तार कर लिया जाता है या फिर सस्पेंड कर दिया जाता है।
महाराष्ट्र में भी ऐसा ही देखने को मिला, छगन भुजबल, अजीत पवार, जिन नेताओं को भाजपा भ्रष्ट कहती थी, जिनपर ईडी-सीबीआई के मुकदमे दर्ज किए, उन्होंने जैसे ही भाजपा का हाथ थामा, उनके सारे मुकदमे ठंडे बस्ते में डाल दिया, बंद कर दिया और उन्हें गले लगाकर अपनी पार्टी में स्वागत किया। इसका मतलब यह है कि भाजपा अगर किसी से डरती है तो वह अरविंद केजरीवाल से डरती है।

वो अरविंद केजरीवाल को कमजोर करना चाहती है। मुझे लगता है कि सोते-जागते इन्हें अरविंद केजरीवाल के सपने आते हैं। आज अगर आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया, संजय सिंह और सत्येंद्र जैन भाजपा ज्वाइन करने के लिए अपनी हामी भर देते हैं तो वो दो मिनट के भीतर जेल से छूटकर बाहर आ जाएंगे और भाजपा उन्हें ढोल-नगाड़े बजाकर अपनी पार्टी में शामिल कर लेंगे।
अरविंद केजरीवाल को ईडी समन भेजने को लेकर राघव चड्ढा ने कहा कि सभी जानते हैं कि अरविंद केजरीवाल 19 को विपश्यना पर जा रहे हैं। वह उनका पहले से तय कार्यक्रम है। वो वकीलों से सलाह करके, क्या जवाब देना है ईडी को, जवाब देना है या नहीं देना है, आगे की रणनीति तय करेंगे। जवाब क्या देना है, देना है या नहीं देना है, यह वकील और कानूनी सलाहकार तय करेंगे। यह सभी को पता है कि 19 को विपश्यना का कार्यक्रम मुख्यमंत्री का पहले से ही तय था।












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