सिब्बल के 'जी हुजूर-23' वाले बयान के बाद आजाद ने सोनिया गांधी को लिखी चिट्ठी, CWC की बैठक बुलाने की मांग
नई दिल्ली, 30 सितंबर: पंजाब के नेताओं ने दो दिन से कांग्रेस हाईकमान की टेंशन बढ़ा रखी है। इस बीच लंबे वक्त से नाराज चल रहे G-23 ग्रुप ने भी हाईकमान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। साथ ही कपिल सिब्बल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके सोनिया और राहुल गांधी को इशारों ही इशारों में खूब सुनाया। उन्होंने साफतौर पर कह दिया कि G-23 ग्रुप 'जी हुजूर-23' नहीं है। बाद में गुलाब नबी आजाद ने सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखी। जिसमें उन्होंने अपनी कई मांगें रखी हैं।
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जानकारी के मुताबिक आजाद ने अपनी चिट्ठी में कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक जल्द बुलाने की मांग की है। इसके अलावा उन्होंने स्थायी अध्यक्ष की जरूरत और वर्तमान परिदृश्य में पार्टी मामलों पर चर्चा की भी बात कही। साथ ही पार्टी में संगठनात्मक चुनावों की अपनी मांग दोहराई। गुलाम नबी आजाद पिछले साल से ही हाईकमान से नाराज चल रहे हैं। कई बार उन्होंने सार्वजनिक मंच से नए अध्यक्ष के चुनाव की मांग की। पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी उन्हें मनाने के लिए कई दौर की बैठकें की, लेकिन बात नहीं बन पाई।
क्या था सिब्बल का बयान?
कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने कहा है कि मैं आपसे (मीडिया से) उन कांग्रेस नेताओं की ओर से बात कर रहा हूं, जिन्होंने पिछले साल अगस्त में चिट्ठी लिखी थी। हम अध्यक्ष , सीडब्ल्यूसी और सेंट्रल इलेक्शन कमेटी के चुनाव के संबंध में हमारी लीडरशिप की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। मुझे लगता है कि एक वरिष्ठ सहयोगी ने शायद लिख दिया है या कांग्रेस अध्यक्ष को तुरंत सीडब्ल्यूसी आयोजित करने के लिए लिखने वाले हैं, ताकि चर्चा हो सके कि हम ऐसी स्थिति में क्यों हैं। । उन्होंने दो टूक कहा है कि 'हम जी-23 हैं, निश्चित रूप से हम जी हुजूर-23 नहीं हैं..... हम मुद्दे उठाते रहेंगे।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन
वहीं सिब्बल कांग्रेस कार्यकर्ताओं के ही निशान पर आ गए हैं। जिस वजह से दिल्ली कांग्रेस के सदस्यों ने उनके घर के बाहर प्रदर्शन किया। वहीं यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास बीवी ने तंज कसते हुए ट्विटर पर लिखा कि सुनिए 'जी-हुजूर':- पार्टी की 'अध्यक्ष' और 'नेतृत्व' वही है, जिन्होंने आपको हमेशा संसद पहुंचाया, पार्टी के अच्छे वक्त में आपको 'मंत्री' बनाया, विपक्ष में रहे, तो आपको राज्यसभा पहुंचाया, अच्छे-बुरे वक्त में सदैव जिम्मेदारियों से नवाजा..और जब 'वक्त' संघर्ष का आया, तो...। श्रीनिवास के अलावा भी कई नेताओं ने G-23 पर तंज कसा है।












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