बीरेन के इस्तीफे के बाद भाजपा मणिपुर का नया CM चुनने में विफल हुई भाजपा! क्या लग जाएगा राष्ट्रपति शासन?
Manipur News: मणिपुर में बीते रविवार को एन बीरेन सिंह ने इस्तीफ दे दिया है। इस इस्तीफे के बाद दो दिन बीत चुके हैं भारतीय जनता पार्टी (BJP) खुद को एक ऐसे मोड़ पर पा रही है, जहां मणिपुर के लिए मुख्यमंत्री नियुक्त करने में असमर्थ नजर आ रही है।
बीरेन सिंह के इस्तीफे के दो बाद भी सत्तारूढ़ भाजपा कानेतृत्व मुख्यमंत्री पद के लिए नए नेता का नाम तय नहीं कर पाया है ऐसे में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की संभावना बढ़ गई है।

बता दें बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद रविवार से ही भाजपा के पूर्वात्तर प्रभारी संबित पात्रा इंफाल में ही बने हुए हैं और उन्हें ही नया मुख्यमंत्री का नाम शार्ट लिस्ट करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वो बीते दो दिनों से लगातार बैठकें कर कर रहे हैं।
वहीं इस सबके बीच मंगलवार को संबित पात्रा ने राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से मुलाकात की है। जिसके बाद राष्ट्रपति शासन लगाए जाने को अटकलें तेज हो गई हैं।
सूत्रों के अनुसार भाजपा द्वारा नया मुख्यमंत्री नामित करने में असमर्थता को लेकर राज्यपाल अजय कुमार भल्ला के साथ उनकी चर्चा हुई। उन्होंने राज्यपाल को मौजूदा राजनीतिक माहौल के बारे में जानकारी दी, और राष्ट्रपति शासन की घोषणा की संभावना का संकेत दिया।
क्यों राष्ट्रपति शासन लग सकता है?
बता दें संविधान के अनुसार मणिपुर में विधानसभा सत्र 12 फरवरी से हर हाल में शुरू हो जाना चाहिए। हालांकि सत्र शुरू होने के 15 दिन पहले ही अगले सत्र की घोषणा कर देनी होती है।राज्य मंत्रीमंडल की सिफारिश के बाद स्पीकर सत्र बुला सकते हैं अबर सत्र की घोषण नहीं होती है तो राज्यपाल को राष्ट्रपति की सिफारिश करनी होगी। इस अवधि तक विधानसभा स्थगित रहेगी।
राष्ट्रपति शासन लागू होने पर क्या होगा?
संविधान के अनुच्छेद 356 के अनुसार राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद केंद्र सरकार को और राज्य विधानमंडल सभी कार्य संसद को ट्रांसफर हो जाएंगे। हालांकि उच्च न्यायपालिका अपरिवर्तित रहेगी। इस उपाय पर आमतौर पर तब विचार किया जाता है जब राज्य सरकार को संवैधानिक मानदंडों के अनुसार काम करने में असमर्थ माना जाता है।
क्यों सीएम बीरेन को दिया इस्तीफा
बता दें मणिपुर में मौजूदा उथल-पुथल को देखते हुए, खराब नेतृत्व के आरोपों और कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव के खतरे और शक्ति परीक्षण के खरते के बीच बीरेन सिंह ने ये इस्तीफा रविवार को राज्यपाल को सौंप दिया था, जिसके बाद मणिपुर में भाजपा में उथल-पुथल मची हुई है।
बीरेने ने जातीय हिंसा के दो साल बाद दिया इस्तीफा
बीरेन सिंह ने ये इस्तीफा मई 2023 से राज्य में जातीय हिंसा की पृष्ठभूमि के बीच कुछ भाजपा विधायकों का बिरेन के खिलाफ विरोध और कांग्रेस द्वारा शुरू किए गए अविश्वास प्रस्ताव के बीच दिया गया है।












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