फैक्ट-चेकर जुबेर की गिरफ्तारी का भारी विरोध, विपक्ष के निशाने पर सरकार, लगाए ऐसे आरोप
नई दिल्ली। फैक्ट-चेक वेबसाइट ऑल्ट न्यूज़ के को-फाउंडर मुहम्मद जुबैर की गिरफ्तारी का सोशल मीडिया पर उनके समर्थक भारी विरोध कर रहे हैं। ट्विटर पर "आई सपोर्ट जुबेर" (I Support Mohammad Zubair) और #zubairarrest जैसे हैशटैग्स टॉप ट्रेंडिंग हैं। सत्तारूढ़ भाजपा के विपक्षी दल, इस्लामिक संगठन और वामपंथी विचाराधारा के लोग जुबेर के खिलाफ हुई पुलिसिया कार्रवाई पर सख्त ऐतराज जता रहे हैं। विपक्ष सत्तापक्ष पर हमलावर हो गया है।
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जुबेर को गिरफ्तार करने वाली दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल पर पक्षपात के आरोप लगाए जा रहे हैं।तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा ने "दिल्ली पुलिस साहब..को खुश करने के लिए झुकी" स्लोगन दिया। वहीं, राहुल गांधी ने भी ट्वीट कर कहा कि, "बीजेपी की नफरत, कट्टरता और झूठ को उजागर करने वाला हर शख्स उनके लिए खतरा है। सत्य की एक आवाज को दबाया नहीं जा सकता। ऐसे एक हजार और पैदा होंगे। बुराई पर सत्य की हमेशा विजय होती है।"

यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष श्रीनिवास बीवी ने लिखा, "नूपुर शर्मा गलत करने पर भी सिक्योरटी में रखी गई, जबकि @zoo_bear को सच बयां करने पर भी गिरफ्तार कर लिया गया। हम इस कृत्य की कड़ी निंदा करते हैं।"
तृणमूल के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया गया, "जब आपकी अपनी पार्टी का कोई व्यक्ति कथित रूप से धार्मिक भावनाओं को आहत नहीं कर रहा है, तो रोना बहुत आसान है। नुपुर शर्मा को गिरफ्तार करें, और देश को दिखाएं कि समान नियम सभी पर लागू होते हैं।"

इसी प्रकार केरल के विधायक एमके मुनीर ने लिखा, "क्या विडंबना है कि नफरत फैलाने वाला भाषण देने वाला खुला घूम रहा है, जबकि इसका खुलासा करने वाले पत्रकार को हिरासत में लिया गया है।"
बता दें कि, दिल्ली पुलिस ने जुबेर को उसके कुछ विवादित ट्वीट की वजह से गिरफ्तार किया है। जुबेर के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को आहत करने की शिकायत दर्ज कराई गई थी। अब जुबेर की गिरफ्तारी को लेकर कई राजनीतिक नेताओं ने भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार की आलोचना की है। कहा जा रहा है कि, दिल्ली पुलिस ने सत्तारूढ भाजपा के इशारों पर जुबेर को पकड़ा है। बता दें कि, दिल्ली पुलिस केंद्रीय गृह मंत्रालय को रिपोर्ट करती है।
इस महीने की शुरूआत में पैगंबर मोहम्मद पर बीजेपी की निलंबित नेता नुपुर शर्मा की विवादास्पद टिप्पणी का भारी विरोध हुआ था। उससे भड़के मुस्लिम अनुयायियों ने कई राज्यों में प्रदर्शन किया था। उस दौरान हिंसा भी भड़क गई थी। विदेशों में भी नाराजगी जताई गई थी।












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