मानसून सत्र: अधीर रंजन बोले- विपक्ष की आवाज दबा रही सरकार, कई मुद्दों पर नहीं होने दी चर्चा
नई दिल्ली, 11 अगस्त: संसद का पूरा मानसून सत्र हंगामे की भेंट चढ़ गया। जिसको देखते हुए लोकसभा अध्यक्ष ने निर्धारित तिथि 13 अगस्त से दो दिन पहले ही सदन की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया। इससे नाराज विपक्ष अब सरकार पर हमलावर है। वहीं दूसरी ओर स्पीकर ओम बिड़ला ने भी सदन में हो रहे हंगामे पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने ये भी माना कि सदन की कार्यवाही अपेक्षा के हिसाब से कम चली।

मामले में लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि सदन को 13 तारीख तक चलना था, लेकिन सरकार ने इसे अचानक स्थगित करने का निर्णय ले लिया। जिस वजह से कई मुद्दों पर चर्चा नहीं हो पाई। ये केवल विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि आज मैंने पहली बार पीएम को संसद में देखा। जब सब कुछ खत्म हो जाता है, तो वो दिखाई देते हैं। ओबीसी विधेयक को बिना चर्चा के मिनटों में पारित कर दिया गया। सरकार चाहती है कि विपक्ष चुप रहे।
चौधरी के मुताबिक कांग्रेस लगातार कोशिश कर रही थी कि सदन में पेगासस के मुद्दे पर चर्चा हो, लेकिन ये मुद्दा उठने ही नहीं दिया गया। ये एक वैश्विक मुद्दा है, फ्रांस, जर्मनी, हंगरी तक इस पर चर्चा कर रहे हैं, लेकिन मोदी सरकार इसे नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने कहा कि हम ईंधन की कीमतों में वृद्धि, कृषि मुद्दों, मुद्रास्फीति, टीकाकरण की स्थिति पर भी व्यापक चर्चा चाहते थे लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। 7-8 मिनट के भीतर विधेयक पारित कर दिए गए और हमारी अपीलें अनसुनी रह गईं।
Recommended Video
स्पीकर ने कही ये बात
ओम बिड़ला ने कहा कि मैं इस बात से आहत हूं कि सदन की कार्यवाही अपेक्षा के अनुरूप नहीं हुई। मैं हमेशा कोशिश करता हूं कि सदन में ज्यादा से ज्यादा कामकाज हो और जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो, लेकिन इस बार लगातार रुकावट आ रही थी। इसका समाधान नहीं हो सका। जहां तक सदन में कामकाज का संबंध है, वो पिछले दो वर्ष में अधिक प्रोडक्टिव रहे। उन्होंने बताया कि इस बार सदन केवल 74 घंटे 46 मिनट तक चला। जिसकी प्रोडक्टिविटी 22% थी। इसमें ओबीसी विधेयक समेत 20 विधेयकों को पारित किया गया।












Click it and Unblock the Notifications