लोकसभा में राहुल गांधी के भाषण के अंश निकालने पर अधीर रंजन चौधरी ने ओम बिरला को लिखा पत्र
संविधान के अनुच्छेद 105(2) के तहत, 'संसद का कोई भी सदस्य किसी प्रक्रिया के दौरान संसद या उसकी किसी भी समिति में कही गई बातों के लिए अदालत में किसी भी कार्यवाही के लिए उत्तरदायी नहीं होगा।

कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को राहुल गांधी के भाषण के मामले में पत्र लिखा है। उन्होंने पत्र में लिखा कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के लोकसभा में दिए गए भाषण के एक हिस्से को "पूरे भाषण को समझ से बाहर कर दिया गया" था। इसको लेकर अधीर रंजन चौधरी ने लोकसभा अध्यक्ष को लिखा है।
बता दें कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मंगलवार यानि 7 फरवरी, 2023 को लोकसभा में गौतम अडानी के मुद्दे पर जो भाषणा दिया था, उसके कुछ अंश लोकसभा स्पीकर के आदेश से संसद के रिकॉर्ड से बाहर कर दिए गए हैं। बता दें कि संसद में कही गई बातों से कुछ शब्द, वाक्य, अंश, भाव या अभिव्यक्ति को हटाना सामान्य तौर पर संसदीय नियमों की एक सामान्य प्रक्रिया है। किसी भी सदस्य के भाषण के किसी भी हिस्से को हटाने का फैसला पूरी तरह से सदन के पीठासीन अधिकारी या आसन के अधिकार क्षेत्र में आता है। लेकिन, यह सब संसदीय नियमों के तहत होता है।
संविधान के अनुच्छेद 105(2) के तहत, 'संसद का कोई भी सदस्य किसी प्रक्रिया के दौरान संसद या उसकी किसी भी समिति में कही गई बातों के लिए अदालत में किसी भी कार्यवाही के लिए उत्तरदायी नहीं होगा।' लेकिन, ऐसा भी नहीं है कि कोई सदस्य जो मर्जी आए सदन में कुछ भी कहकर या अभिव्यक्ति जताकर चला जाए। इसके लिए भी नियम बनाए गए हैं।
संसद में सांसदों का भाषण संसद के नियमों के तहत अनुशासन के दायरे में आता है। यह सांसदों के 'विवेक' और स्पीकर के नियंत्रण से बंधा हुआ है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि कोई संसद सदस्य सदन के अंदर, 'अपमानजनक या अशोभनीय या अभद्र या असंसदीय शब्दों' का इस्तेमाल नहीं कर सकता है।
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