अडानी सीमेंट ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड, तैयार किया दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक राफ्ट फाउंडेशन
Adani Cement Creates Largest Raft Foundation: अडानी सीमेंट और पीएसपी इन्फ्रा ने गुजरात के उमिया धाम मंदिर में दुनिया का सबसे बड़ा राफ्ट फाउंडेशन बनाकर विश्व रिकॉर्ड स्थापित कर दिया है। इस प्रोजेक्ट के तहत इकोमैक्स लो-कार्बन कंक्रीट का उपयोग कर ये राफ्ट तैयार किया है। ये बड़ी उपलब्धि अहमदाबाद के पास स्थित जगत जननी मां उमिया धाम में अडानी ग्रुप ने अपने एसोसिएट मेसर्स पीएसपी इन्फ्रा के साथ मिलकर हासिल की है।
दुनिया की सबसे बड़ी धार्मिक मंदिर राफ्ट फाउंडेशन कास्टिंग को पूरा करने का रिकॉर्ड-ब्रेकिंग कार्य अडानी सीमेंट की लॉजिस्टिकल स्किल, तकनीकी सटीकता और स्थिरता नवाचार के अद्वितीय उदाहरण है।

इसे अब तक 1,000 से अधिक लोगों ने मंदिर में पहुंच कर और ऑनलाइन 10,000 से अधिक लोग देख चुके हैं। यह अडानी सीमेंट की भारत के इंजीनियरिंग और आध्यात्मिक मील के पत्थर को आकार देने में बढ़ती भूमिका का बड़ा उदाहरण है।
54 घंटे तक लगातार चला इसका निर्माण
इसका निर्माण कार्य 54 घंटे तक लगातार चला। इस दौरान कुल 24,100 घन मीटर ईकोमैक्सX M45 ग्रेड लो-कार्बन कंक्रीट का उपयोग किया गया। इसके अलावा, 3,600 टन हाई क्वालिटी सीमेंट, 26 रेडी-मिक्स कंक्रीट (आरएमएक्स) प्लांट और 285 से अधिक ट्रांजिट मिक्सर का इस्तेमाल किया गया, जो इस परियोजना के उच्च स्तर का उदाहरण है।
600 से अधिक कुशल श्रमिकों और एक्सपर्ट ने मिल कर बनाया
600 से अधिक कुशल श्रमिकों और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम ने दिन-रात काम करते हुए इस चुनौतीपूर्ण कार्य को सफलतापूर्वक पूरा किया। सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि पूरी प्रक्रिया में कोई रुकावट नहीं आई और न ही कोई कोल्ड जॉइंट बना।
क्या है इसकी खासियत?
इस फाउंडेशन कास्टिंग की एक बड़ी खासियत इसका पर्यावरणीय प्रभाव है। "ईकोमैक्सX" कंक्रीट के प्रयोग से परियोजना का कार्बन फुटप्रिंट 60% तक कम हो गया। साथ ही, "कूलक्रीट" तकनीक ने कंक्रीट का तापमान 28 डिग्री सेल्सियस से नीचे बनाए रखा, जिससे थर्मल तनाव नियंत्रित रहा और संरचना की मजबूती बनी रही। संरचना में लगे थर्मोकपल वास्तविक समय में तापमान और स्थायित्व की निगरानी कर रहे हैं।
प्रोजेक्ट में अडानी ग्रुप ने किया निवेश?
अडानी ग्रुप के सीमेंट बिजनेस के ग्रुप सीईओ विनोद बाहेती ने इस उपलब्धि को इंजीनियरिंग और आस्था के बीच का सेतु बताया। उन्होंने कहा, "उमिया धाम 60 एकड़ में फैला एक प्रतीकात्मक आध्यात्मिक स्थल होगा, जिसमें लगभग ₹2,000 करोड़ का निवेश किया गया है। यह सिर्फ एक विश्व रिकॉर्ड नहीं, बल्कि अडानी सीमेंट की गुणवत्ता, पैमाने, गति और उद्देश्य का प्रतीक है।"
उन्होंने आगे कहा, "जैसा कि हमारे चेयरमैन का मानना है, ये केवल इंजीनियरिंग करतब नहीं हैं, बल्कि भक्ति और आधुनिक बुनियादी ढांचे के बीच के सेतु हैं। उमीया धाम में सफल राफ्ट कास्टिंग इस दर्शन का एक जीवंत प्रमाण है, जहाँ विश्वास नवाचार को प्रेरित करता है और नवाचार पूरे समुदायों को ऊपर उठाता है।"
बहेती ने बताया, "जब हम नवाचार, लोगों और टिकाऊ सामग्रियों को एक साथ लाते हैं, तो हम ऐसे समाधान बनाते हैं जो पीढ़ियों तक चलते हैं और नए वैश्विक मानक स्थापित करते हैं।
विश्व उमीया फाउंडेशन के अध्यक्ष, आर.पी. पटेल ने कहा, "जगत जननी माँ उमीया (पार्वती) मंदिर की यह विश्व-रिकॉर्ड नींव भारत की सांस्कृतिक और इंजीनियरिंग विरासत के लिए एक गर्व का क्षण है। मेगा-परियोजना में अडानी सीमेंट की सिद्ध विशेषज्ञता ने उन्हें हमारा स्वाभाविक भागीदार बनाया।"
आगामी दुनिया के सबसे ऊंचे मंदिर के लिए 450 फीट x 400 फीट x 8 फीट की राफ्ट फाउंडेशन, 504 फीट ऊंचे जगत जननी माँ उमीया मंदिर के लिए 1,551 धर्म स्तंभों का समर्थन करेगी। यह जशपुर में एक विशाल सामाजिक और सांस्कृतिक परिसर का आध्यात्मिक केंद्र बनने की कल्पना की गई है।












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