अभिषेक मनु सिंघवी का दावा, सचिन पायलट ने उन्हें कानूनी सलाह के लिए किया फोन
नई दिल्ली। राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले सचिन पायलट ने गुरुवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और वकील अभिषेक मनु सिंघवी से फोन करके उनसे कानूनी सलाह मांगी है। अभिषेक मनु सिंघवी का दावा है कि सचिन पायलट ने उन्हें विधायकों की सदस्यता को लेकर कांग्रेस द्वारा जारी किए गए नोटिस के लिए फोन किया था। बता दें कि सचिन पायलट ने गुरुवार को कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, जिसमे उन्होंने कहा है कि स्पीकर द्वारा मुझे और 18 विधायकों को जो नोटिस जारी किया है उसे रद्द किया जाए।

मैंने कहा, मैं दूसरे पक्ष को सलाह दे रहा हूं
सिंघवी ने सचिन पायलट को अपना अच्छा दोस्त और सबसे अहम साथी बताते हुए कहा कि सचिन पायलट ने मुझे दो दिन पहले फोन किया था। मैंने उनसेकहा कि सम्मानजनक बात यह है कि मैं उनसे इस बारे में बात नहीं कर सकता क्योंकि मैं दूसरे पक्ष को सलाह दे रहा था। हम दोनों एक दूसरे से हंसी-मजाक में बात की। हम एक दूसरे को काफी लंबे समय से जानते हैं और वो मेरी सलाह लेना चाहते थे, क्योंकि वो मेरी सलाह को महत्व देते हैं। मैंने उनसे कहा था कि स्पीकर और उनकी राय एक दूसरे से मेल नहीं खाती है।

कोर्ट पहुंचा मामला
बता दें कि कांग्रेस ने सचिन पायलट और उनके समर्थक विधायकों द्वारा बगावती तेवर अपनाने और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की बैठक में शामिल न होने के लिए 18 विधायकों को नोटिस जारी किया था जिसके खिलाफ अब उन्होंने राजस्थान हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इस मामले में सचिन पायलट की ओर से वकील हरीश साल्वे पेश हुए। हरीश ने विधानसभा स्पीकर की तरफ से विधायकों को जारी नोटिस को असंवैधानिक बताते हुए उसे निरस्त करने की मांग की।

विधायकों की वापसी की उम्मीद
मालूम हो कि कांग्रेस द्वारा सचिन पायलट को कैबिनेट से बाहर किए जाने के बाद भी पार्टी को उनके वापसी की उम्मीद है। कांग्रेस ने बुधवार को कहा था कि सचिन पायलट के लिए अभी भी पार्टी के दरवाजे खुलें हैं, अगर वह भाजपा में शामिल नहीं होना चाहते तो सामने आएं और अपनी बात खुलकर रखें। पार्टी की ओर से जारी बयानों में साफ तौर पर पायलट के लिए नरमी देखी जा रही है।












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