भूख हड़ताल और मौन व्रत में रहेंगे अभिनव अरोड़ा, जानिए क्यों गुस्से में हैं बाल संत, क्या है मामला?
Abhinav Arora Banke Bihari Mandir Protest: वृंदावन के श्री बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर परियोजना को लेकर चल रहा विरोध अब एक निर्णायक मोड़ पर है। जहां स्थानीय गोस्वामी समाज, व्यापारी वर्ग और आम ब्रजवासी बीते 46 दिनों से 'काले चुन्नी आंदोलन' के ज़रिए इस विकास परियोजना का विरोध कर रहे हैं, वहीं अब इस जनआंदोलन को सोशल मीडिया से भी बड़ी ताकत मिलने लगी है। इस आंदोलन को नयी ऊर्जा और दिशा तब मिली, जब बाल संत और लोकप्रिय यूट्यूबर अभिनव अरोड़ा स्वयं धरना स्थल पर पहुंचे।
काली चुन्नी ओढ़े आंदोलनकारी महिलाओं के बीच खड़े होकर अभिनव ने भावुक स्वर में जनता को संबोधित करते हुए ऐलान किया, '21 जुलाई, एकादशी के दिन मैं अपने ठाकुर श्री बांके बिहारी जी के लिए मौन व्रत रखूंगा। न कुछ खाऊंगा, न वाणी का प्रयोग करूंगा सिर्फ प्रार्थना करूंगा, ताकि लीला भूमि की रक्षा हो सके।'

अभिनव अरोड़ा ने क्या कहा?
बाल संत और लोकप्रिय यूट्यूबर अभिनव अरोड़ा ने कहा कि, 'कुंज गलियों में ठाकुर जी का रास चलता है, कोई सीमेंट का कॉरिडोर उसे निगल नहीं सकता। मैं इस तथाकथित विकास मॉडल का खुलकर विरोध करूंगा, जो हमारे ब्रज की आत्मा इन कुंज गलियों को मिटा देना चाहता है। सरकार जो लीला भूमि को उजाड़ने चली है, वह भूल रही है कि यह केवल ईंट-पत्थर नहीं, बल्कि हमारे आराध्य ठाकुर जी की साक्षात अनुभूति की भूमि है।'
'अध्यादेश हाय-हाय...'
अभिनव अरोड़ा ने प्रदर्शनकारियों के साथ नारेबाजी करते हुए कहा कि, 'अध्यादेश हाय-हाय..अध्यादेश हाय-हाय, 21 जुलाई के दिन एकादशी के दिन मैं मौन व्रत रखूंगा, अपने बिहारी जी के लिए ना वाणी का उपयोग करूंगा ना भोजन करूंगा केवल और केवल प्रार्थना करूंगा, बिहारी जी के लीली भूमि की रक्षा के लिए, श्री बांके बिहारी के लिए मौन व्रत करूंगा। जो भी मेरे साथ व्रत करना चाहते हैं जो बिहारी जी के लिए व्रत करना चाहते हैं वे केवल एक ही दिन सही बिहारी जी को भूखे रह कर दिखाए।
वृंदावन में क्यों मचा है बवाल?
वृंदावन, जो श्रीकृष्ण की लीला भूमि और भक्ति की राजधानी माना जाता है, इन दिनों बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर परियोजना को लेकर जबरदस्त विरोध और बवाल की चपेट में है।उत्तर प्रदेश सरकार वृंदावन के प्रसिद्ध श्री बांके बिहारी मंदिर के आसपास एक भव्य कॉरिडोर बनाने की योजना पर काम कर रही है। सरकार का दावा है कि इस कॉरिडोर से दर्शनार्थियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और भीड़भाड़ में कमी आएगी। लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि कॉरिडोर निर्माण के लिए सैकड़ों साल पुरानी कुंज गलियों और कई पारंपरिक भवनों को तोड़ा जाएगा, जो ठाकुर जी की लीला स्थली का हिस्सा हैं।
स्थानीय गोस्वामी, व्यापारी और ब्रजवासी मानते हैं कि यह परियोजना सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को मिटा देगी। ब्रजवासी महिलाएं, गोस्वामी समाज, स्थानीय दुकानदार और भक्तजन हर दिन काले चुन्नी पहनकर मंदिर के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं। इसे अब "काला चुन्नी आंदोलन" नाम दिया गया है।












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