ABG शिपयार्ड निदेशकों के खिलाफ जारी हुआ लुक आउट सर्कुलर, कंपनी के 13 स्थानों पर छापेमारी
नई दिल्ली, 15 फरवरी: निजी क्षेत्र की बड़ी शिपिंग कंपनी एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड के निदेशक देश छोड़ सकेंगे। बैकों के साथ 23 हजार करोड़ के कथित घोटाले में कंपनी पर ये कार्रवाई की गई है। सीबीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को बताया है कि 22,842 करोड़ रुपये के ऋण धोखाधड़ी में एबीजी शिपयार्ड के निदेशकों के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (एलओसी) जारी कर दिया गया है। लुक आउट सर्कुलर का इस्तेमाल किसी आरोपी व्यक्ति को देश से बाहर जाने से रोकने के लिए किया जाता है।

सीबीई की ओर से बताया गया है कि इस केेस में एजेंसी ने 12 फरवरी को 13 स्थानों पर छापेमारी की और तलाशी ली। सीबीआई ने कंपनी की अकाउंट बुक, खरीद/बिक्री विवरण, बोर्ड बैठकों की जानकारी, शेयर रजिस्टर, विभिन्न अनुबंध फाइलें जैसे दस्तावेज जब्त किए हैं।
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एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड ने कथित तौर पर करीब 23 हजार करोड़ का घोटाला किया है। कंपनी ने आईसीआईसीआई बैंक के नेतृत्व वाले 28 बैंकों के कंसोर्टियम से 22,842 करोड़ रुपए का स्कैम किया है। कंपनी पर आईसीआईसीआई का 7,089 करोड़, आईडीबीआई बैंक का 3634 करोड़, एसबीआई का 2925 करोड़, बैंक ऑफ बडौदा का 1614 करोड़ और पीएनबी का 1200 करोड़ कर्ज है।
सीबीआई कर रही है मामले की जांच
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) शिपिंग कंपनी एबीजी शिपयार्ड के खिलाफ 22,842 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी में जांच कर रही है। बैंकों के संघ ने नवंबर 2019 में इस धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी। बैंकों की ओर से कंपनी को 'फ्रॉड अकाउंट' में घोषित करने के दो साल बाद एजेंसी ने एबीजी शिपयार्ड और उसके निदेशकों के खिलाफ यह कार्रवाई की है। सीबीआई ने एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड, कंपनी के तत्कालीन अध्यक्ष ऋषि कमलेश अग्रवाल, तत्कालीन कार्यकारी निदेशक संथानम मुथास्वामी, निदेशक अश्विनी कुमार, सुशील कुमार अग्रवाल और रवि विमल नेवेतिया और अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। बता दें कि बैंकों से धोखाधड़ी का ये सबसे बड़ा मामला है। बैंकों से इतनी बड़ी राशि का फ्रॉड पहली बार सामने आया है।












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