Raghav Chadha: AAP सांसद राघव चड्ढा पहुंचे सुप्रीम कोर्ट, राज्यसभा से अपने निलंबन को दी चुनौती
Raghav Chadha Suspension: आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा ने आज राज्यसभा से अपने निलंबन को चुनौती देने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। चार सांसदों की शिकायत के बाद चड्ढा को 11 अगस्त को "विशेषाधिकार के उल्लंघन" के लिए राज्यसभा से निलंबित कर दिया गया था।
क्या है राघव चड्ढा पर आरोप
बता दें कि राघव चड्ढा पर आरोप लगे हैं कि उन्होंने चार सांसदों की सहमति के बिना उनका नाम चयन समिति के लिए प्रस्तावित कर दिया था। उन्होंने इसके लिए साइन भी किए थे। यह मामला अभी तक संसद की विशेषाधिकार कमेटी के पास है। मामले में फैसले पर देरी को देखते हुए राघव चड्ढा ने सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला किया।

इन चार सांसदों का नाम बिना अनुमति के डाल दिया था।
राघव चड्ढा ने समिति के लिए चार सांसदों सस्मित पात्रा (बीजू जनता दल), एस फान्गनॉन कोन्याक (भारतीय जनता पार्टी), एम थंबीदुरई (ऑल इंडिया अन्ना द्रमुक मुनेत्र कषगम) और नरहरि अमीन (भाजपा) के नाम उनकी अनुमति के बिना शामिल किए थे।
टाइप 7 बंगले के लिए हाईकोर्ट पहुंचे राघव चड्ढा
बता दें कि टाइप 7 के बंगले के लिए राघव चड्ढा दिल्ली हाईकोर्ट पहुंच गए हैं। दरअसल, दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने उस आदेश को मंजूरी दी थी, जिसमें उनसे उनका सरकारी बंगला खाली करने के लिए कहा गया था। राघव चड्ढा ने दिल्ली हाईकोर्ट में पटियाला हाउस कोर्ट के इसी फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
राघव चड्ढा की तरफ से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि उनके मुवक्किल को इस संबंध में नोटिस जारी किया गया है और बंगले से बेदखल करने की प्रक्रिया भी जारी है। वकील ने चीफ जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस संजीव नरूला की बेंच से कहा कि राघव चड्ढा की याचिका पर तत्काल सुनवाई की जाए। हाईकोर्ट बुधवार को राघव चड्ढा की याचिक पर सुनवाई के लिए तैयार हो गया है। आपको बता दें कि बीते 5 अक्टूबर को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि राघव चड्ढा सरकारी बंगले पर अपना संपूर्ण हक होने का दावा नहीं कर सकते।












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