फर्जी कंपनियों को पैसा दिलाते हैं अरुण जेटली- आप
नई दिल्ली। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार के कार्यालय में सीबीआई रेड से बौखलायी आम आदमी पार्टी ने आज प्रेस कांफ्रेंस करके वित्त मंत्री अरुण जेटली पर डीडीसीए में भ्रष्टाचार के ताबड़तोड़ आरोप लगाये। आप के शीर्ष नेता कुमार विश्वास, संजय सिंह और राघव चड्ढा ने प्रेस कांफ्रेंस के जरिए डीडीसीए में तमाम गलत कंपनियां बनाकर पैसे की उगाही का आरोप लगाया।
गलत साबित हुआ केजरीवाल का दावा, उन्हें पता था राजेंद्र कुमार के भ्रष्टाचार के बारे में

आप नेता कुमार विश्वास ने कहा कि मुख्यमंत्री के निजी सचिव के कार्यालय में रेड के पीछे जेटली का हाथ है,वह अपने भ्रष्टाचार को बचाने के लिए यह सब कर रहे हैं। विश्वास ने कहा कि पिछले 15 वर्षों से अरुण जेटली ने डीडीसीए का दोहन किया है। उन्होंने 14 कंपनियां बनाकर अपने मित्रों को लाभ देने के लिए पैसे बांटे।
- डीडीसीए में सिर्फ अमीरों के बच्चे खेल सकते हैं, आम आदमी के बच्चे नहीं खेल सकते हैं।
- बिना टेंडर के डीडीसीए में काम कराये गये हैं।
- डीडीसीए में 10 कॉर्पोरेट बॉक्सेस बनाये गये और उसे दस कॉर्पोरेट कंपनी को अपने लोगों को लीज पर दे दिया।
- जिन कंपनियों ने कोई काम किया ही नहीं उसके लिए उन कंपनियों को पैसा दिया गया।
- बिना डीडीसीए के अप्रूवल के सपोर्टिंग डॉक्युमेंट के बिलों का भुगतान किया गया।
- दो अन्य कंपनियों को जो पेमेंट की गयी वह काम 2013 में पहले ही हो चुका था।
- पांच अन्य कंपनियों को डीडीसीए लाखों रुपए दिये जिनका पता, आईडी, डायरेक्टर, एक ही है।
- 1.55 करोड़ का लोन तीन कंपनियों को दिया गया, ये पैसा जिन कंपनियों को दिया गया उसकी भी कोई जानकारी नहीं दी गयी, इसे डीडीसीएन ने क्रिमिनल ब्रीच ऑफ ट्रस्ट कहा है।
- इस स्टेडियम के निर्माण के लिए ईपीआईल कंपनी को सिर्फ 57 करोड़ रुपए दिये गये बाकि पैसे कहां गये उसका अता-पता नहीं है।
- अरुण जेटली की अध्यक्षता में 24 करोड़ रुपए में स्टेडियम बनाने की घोषणा की गयी लेकिन खर्च हुआ 114 करोड़ रुपए खर्च रुपए।












Click it and Unblock the Notifications