लोकसभा चुनाव 2019: दिल्ली में आप ने 6 सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान किया, कांग्रेस से नहीं होगा गठबंधन
नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी ने आगामी लोकसभा चुनाव के लिए दिल्ली की 6 सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है। पहले ऐसे अटकलें लगाई जा रही थी कि मोदी की अगुवाई वाली एनडीए सरकार के खिलाफ बनने जा रहे महागठबंधन में वो शामिल होगी और कांग्रेस के साथ गठबंधन करेगी। लेकिन उम्मीदवारों के ऐलान के साथ ही साफ हो गया है कि पार्टी चुनावों में अकेले उतरेगी। अरविंद केजरीवाल ने कुछ दिन पहले इसके संकेत भी दिए थे।

इनको मिला टिकट
दिल्ली की 7 सीटों में 6 सीटों पर आप ने शनिवार को उम्मीदवारों का ऐलान किया। पूर्वी दिल्ली से आतिशी को उम्मीदवार बनाया गया है। राघव चड्ढा को साउथ दिल्ली से टिकट दिया गया है। पंकज गुप्ता को चांदनी चौक लोकसभा सीट से उतारा गया है। वहीं उत्तर पूर्वी दिल्ली से दिलीप पांडेय और नई दिल्ली से बृजेश गोयल को टिकट मिला है। उत्तर पश्चिम दिल्ली से गुग्गन सिंह को टिकट दिया गया है। पार्टी ने अभी वेस्ट दिल्ली से टिकट फाइनल नहीं किया है। गोपाल राय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बताया कि इस सीट पर अभी चर्चा चल रही हैऔर जल्द ही उम्मीदवार के नाम की घोषणा की जाएगी।

कांग्रेस ने नहीं होगा गठबंधन
कांग्रेस से आगामी लोकसभा चुनाव के लिए गठबंधन नहीं हो पाने के लिए गोपाल राय ने कांग्रेस और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को जिम्मेदार ठहराया। गोपाल राय ने कहा कि शीला दीक्षित ने सीधे गठबंधन से इनकार कर दिया। राहुल गांधी ने भी कहा कि ये संभव नहीं है। आम आदमी पार्टी गठबंधन चाहती थी लेकिन कांग्रेस इसके लिए तैयार नहीं हुई। हाल ही एक जनसभा में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि हम कांग्रेस को आप से गठबंधन के लिए मनाने की कोशिश कर रहे हैं।

शीला दीक्षित ने बात होने से किया था इनकार
अरविंद केजरीवाल के बयान के एक दिन बाद दिल्ली की पूर्व सीएम शीला दीक्षित ने कहा था कि कब आप हमारे पास आई थी? अगर अरविंद गठबंधन चाहते हैं, तो उन्हें मुझसे सीधे बात करनी चाहिए। गौरतलब है कि महाराष्ट्र के नेता शरद पवार के घर विपक्षी नेताओं की हुई बैठक में अरविंद केजरीवाल और राहुल गांधी ने हिस्सा लिया था। पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी भी इस मीटिंग में आई थीं। उन्होंने आप और कांग्रेस से दिल्ली में साथ आने को कहा था। गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव 2014 में दिल्ली की सभी सात सीटों पर भाजपा ने क्लीन स्वीप किया था। लेकिन इसके बाद हुए विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 67 सीट जीती थी। साल 2913 में भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने की बात कर आम आदमी पार्टी ने पहला चुनाव लड़ा था। इस चुनाव के बाद कांग्रेस के सहयोग से उन्होंने सरकार बनाई थी। लेकिन लोकपाल बिल के मुद्दे के पर उन्होंने कुर्सी छोड़ दी थी। ये सरकार 49 दिन चली थी।












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