केजरीवाल को तो उनके दुश्मन भी भ्रष्ट नहीं कहते तो फिर कपिल के कहने के पीछे राज क्या?
सोचने वाली बात ये है कि कपिल मिश्रा को ये सारे आरोप तब क्यों नजर आए जब उन्हें एक दिन पहले कैबिनेट से बाहर निकाल दिया गया ।
नई दिल्ली। दिल्ली की सत्ता में आज जिस तरह से कपिल मिश्रा ने सीएम केजरीवाल पर भ्रष्ट्राचार का आरोप लगाया है जिससे सुनने के बाद इस भरी गर्मी में दिल्ली आग की तरह उबलने लगी। आप पार्टी से जहां कपिल मिश्रा को बाहर निकाल दिया गया वहीं विरोधियों ने उन्हें हीरो और नायक बना दिया है।
कपिल मिश्रा की पीसी के बाद बीजेपी नेता मनोज तिवारी ने जिस तरह से कपिल मिश्रा के हिम्मत की दाद दी है, वो वाकई में तारीफ के काबिल है, लेकिन सोचने वाली बात ये है कि कपिल मिश्रा को ये सारे आरोप तब क्यों नजर आए जब उन्हें एक दिन पहले कैबिनेट से बाहर निकाल दिया गया था, अगर उनके पास पर्याप्त सबूत थे तो उन्होंने कैबिनेट में रहते हुए सीएम केजरीवाल के खिलाफ मुंह क्यों नहीं खोला?

आरोपों को बेबुनियाद कहा
आज की प्रेसवार्ता से पहले कहा जा रहा था कि कपिल मिश्रा के ऊपर गाज तो आप नेता और प्रख्यात कवि डॉ. कुमार विश्वास का साथ देने के चलते गिरी है लेकिन आज कपिल की प्रेस वार्ता के बाद खुद विश्वास ने उनके आरोपों को बेबुनियाद कह दिया है, यहां तक कि केजरीवाल के धुरविरोधी होने की वजह से पार्टी से बाहर निकाले गए योगेंद्र यादव ने भी केजीरवाल का बचाव किया है।

केजरीवाल के दुश्मन भी उनके साथ
आज केजरीवाल के दुश्मन भी उन्हें मानते हैं कि वो भ्रष्टाचारी नहीं हैं, ऐसे में कपिल मिश्रा का बयान उन्हें ही अलग खड़ा करता है और उनके लगाए सारे आरोपों को सवालों के घेरे में लाता है। विश्वास और योगेंद्र के ट्वीट ही कपिल के खिलाफ हैं। ऐसे में कैसे कपिल अपने आप को सही साबित करते हैं ये एक देखने वाली बात होगी।
दो करोड़ रुपये लेते देखा
गौरतलब है कि रविवार को आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के मंत्रिमंडल से बर्खास्त किए गए दिल्ली के पूर्व जल मंत्री कपिल मिश्रा ने दावा किया कि उन्होंने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन से दो करोड़ रुपये लेते देखा था।
कुछ भी कहने से इनकार कर दिया...
मिश्रा ने आप मंत्रिमंडल से बर्खास्त किए जाने के एक दिन बाद रविवार को कहा कि कल (शनिवार) से एक दिन पहले (शुक्रवार) मैंने जैन को केजरीवाल के घर पर उन्हें पैसे देते देखा था। मैने केजरीवाल से पैसों के बारे में पूछा, लेकिन उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।
अब मुझे बर्खास्त कर दिया गया
मिश्रा ने पार्टी में भ्रष्टाचार खत्म करने की शपथ लेते हुए कहा कि मैने केजरीवाल से कहा कि वह सभी पार्टी नेताओं, मंत्रियों और सदस्यों को बुलाएं और उन्हें इन पैसों के बारे में बताएं। मैंने उनसे माफी मांगने का आग्रह किया। और, अब मुझे बर्खास्त कर दिया गया।
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