सालों पहले परिवार से बिछड़ गए थे तीन मासूम, अब उन्हें मिलाएगा आधार कार्ड

बेंगलुरु। आज मंगलवार का दिन उन तीन बच्चों के लिए बहुत खास होने वाला है जो मंदबुद्धी के कारण अपने परिवार से कुछ साल पहले बिछड़ गए थे और वे अब तीनों अपने परिवार से मिलने जा रहे हैं। आपको बता दें कि इन तीनों को मिलाने का काम आधार कार्ड के जादुई 12 डिजिट नंबर ने किया है।
मोनू, ओमप्रकाश और नीलकंठ कुछ साल पहले अपने परिवार से बिछड़ गए थे, उनको अब आधार कार्ड की मदद से उनके परिवार तक पहुंचाया जा रहा है। आधार कार्ड के 12 डिजिट नंबर ने घर से लापता हुए बच्चों को मिलाने का एक जादुई तरीके से काम किया है।
आपको दें कि ये तीन बच्चे देश के अलग-अलग राज्यों से हैं और लापता होने के बाद इन्हें बेंगलुरु के आधार कैंप में रखा गया था। कैंप में जब इनकी फिंगर प्रिंट से मिलान किया तो पता चला कि इनका आधार कार्ड बना हुआ है। पहले से बने आधार कार्ड से डिटेल निकाली गई जिससे इनके घर का पता आसानी से लगाया जा सका।
मोनू जिसका सही नाम नरेंद्र है उसे मंगलवार को बेंगलुरु के आधार कैंप में उसके परिवार वालों को सौंपा जाएगा। आपको बता दें कि मोनू मध्यप्रदेश का रहना वाला है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की कोशिश के बाद मध्य प्रदेश में मोनू के परिवार वालों से संपर्क किया गया जो मंदबुद्धी के चलते डेढ़ साल पहले गुमशुदा हो गया था।
ऐसे ही ओमप्रकाश भी अपनी मंदबुद्धी के चलते कुछ साल पहले लापता हो गया था जिसे आधार जांच के द्वारा उसका सही पता लगाया जा सका है। ओमप्रकाश जो झारखंड का रहने वाला है उसे भी बेंगलुरु के आधार कैंप ऑफिस से उसके परिवार वालों को सौंपा जाएगा।












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