भारत का अब तक का सबसे बड़ा राजनीतिक पोल. क्या आपने भाग लिया?
  • search

Aadhar वर्चुअल ID पर चिदंबरम ने कसा तंज, कहा- घोड़ों के भागने के बाद अस्तबल बंद करने का क्या फायदा

By VikashRaj Tiwari
Subscribe to Oneindia Hindi
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts

    नई दिल्ली। आधार डाटा लीक होने की खबरों के बीच सरकार इसकी सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम करने की तैयारी में जुट गई है। इसके तहत यूआईडीएआई हर आधार कार्ड की एक वर्चुअल आईडी तैयार करने का मौका देगी। पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने आधार में नया सुरक्षा स्तर जोड़े जाने के प्रस्ताव पर तंज कसा है। गुरुवार को पी चिंदंबरम ने कहा 'यह प्रस्ताव घोड़ों के भाग जाने के बाद अस्तबल का दरवाजा बंद करने जैसा है।' चिदंबरम ने ट्वीट कर कहा है 'लाखों लोग कई सेवा प्रदाताओं को अनिवार्य होने के कारण अपनी आधार संख्या पहले ही मुहैया करा चुके हैं। ऐसे में नया सुरक्षा स्तर जोड़े जाने का प्रस्ताव घोड़ों के भाग जाने के बाद अस्तबल का दरवाजा बंद करने जैसा है।'

    निजता पर केंद्र सरकार को घेरा

    निजता पर केंद्र सरकार को घेरा

    आधार कार्ड की सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवालों के बीच सरकार ने आधार संख्या को सुरक्षित करने के लिए 16 अंकों की वर्चुअल आईडी बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है। UIDAI के इस नई पहल पर पी चिदंबरम ने कहा है कि लाखों लोगों ने कई एजेंसियों और सेवाप्रदाताओं को अपना आधार डिटेल शेयर कर दिया है। उनकी निजता को लेकर सरकार ने क्या इंतजाम किए हैं। आपको बता दें कि आधार नंबर और निजता की सुरक्षा को लेकर सरकार पर सवाल उठते रहे हैं।

    आधार नंबर के खतरे में होने की खबर आई थी

    आधार नंबर के खतरे में होने की खबर आई थी

    थोड़े दिनों पहले आधार नंबर के खतरे में होने की खबर आई थी। खबर के मुताबिक व्हाट्स ऐप के जरिए सेवा देने वाले एक ट्रेडर से 100 करोड़ आधार की जानकारी खरीदी थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि सिर्फ 500 रुपए देकर 10 मिनट में एक एजेंड ने उनके रिपोर्टर को लॉगिन आईडी और पासवर्ड देकर पोर्टल के जरिए किसी की भी आधार की जानकारी देखने की सुविधा दे दी थी। इसके जरिए किसी का भी नाम, पता, पोस्टल कोड, फोटो, फोन नंबर और ईमेल देखा। 300 रुपए और देने के बाद एजेंट ने उनको एक सॉफ्टवेयर भी दिया जिसके जरिए आधार नंबर देकर आधार कार्ड प्रिंट किया जा सकता है। बाद में इस मामले में एफआईआर भी की गई थी।

    आप खुद अपना वर्चुअल आईडी जनरेट कर सकेंगे

    आप खुद अपना वर्चुअल आईडी जनरेट कर सकेंगे

    UIDAI ने आधार नंबर को सुरक्षित करने के लिए एक नया तरीका निकाल लिया है। UIDAI आधार के लिए वर्चुअल आईडी जारी करेगी। केवाईसी के समय उसी आईडी का इस्तेमाल किया जाएगा। यूआईडीएआईए हर आधार कार्ड की एक वर्चुअल आईडी तैयार करने की सुविधा ला रही है। इससे आपको जब भी अपने आधार डिटेल कहीं देने की जरूरत पड़ेगी, तो आपको 12 अंकों के आधार नंबर की बजाय 16 नंबर की वर्चुअल आईडी देना होगी। यह नया नियम मार्च माह से लागू होगा।

     नंदन निलेकणी ने किया स्वागत

    नंदन निलेकणी ने किया स्वागत

    यूआईडीएआई के पूर्व चेयरमैन नंदन निलेकणी ने आरोप लगाया है कि आधार के खिलाफ एक सोचा-समझा अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा, 'अगर आप सिर्फ नकारात्मक नज़रिया रखेंगे और सकारात्मक नहीं तो उसी तरह की नकारात्मक प्रतिक्रियाएं आएंगी। सबको ये स्वीकार करना होगा कि आधार सच्चाई है।' उन्होंने कहा कि 119 करोड़ लोगों के पास आधार है 550 मिलियन लोगों ने अपना आधार नंबर बैंकों से लिंक कराया है और 95,000 करोड़ डीबीटी के जरिये ट्रांसफर हो चुका है। निलेकणी ने कहा कि वो प्राइवेसी की सुरक्षा के लिये आधार डेटा की सुरक्षा बढ़ाए जाने का स्वागत करते हैं।

    हाफिज सईद के बाद मसूद अजहर ने पाक को चेताया, 'एटम बम है, अमेरिका के सामने मत झुको'

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    Aadhaar’s new virtual ID security feature is like locking stable after horses have bolted says former finance minister P Chidambaram

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more