अधर में 'आधार', केंद्र करेगा राज्य सरकारों से बात

नयी दिल्ली। यूपीए सरकार की स्वर्णिम योजनाओं में से एक आधार योजना को जल्द ही केन्द्र सरकार बंद करने का मन बना रही है। केन्द्र में बनी एनडीए सरकार इस योजना को समाप्त करना चाहती हैं। भाजपा की सरकार के आते ही देश के नागरिकों को दिए जाने वाले विशिष्ट पहचान संख्या यानी आधार कार्ड का भविष्य खतरे में पड़ गया है।
एक अंग्रेजी अखबार के मुताबिक केंद्र सरकार जल्द ही इस योजना को खत्म करने पर विचार कर रही है। केंद्र के सूचना और प्रौद्योगिकी विभाग ने इस बाबत राज्य के सचिवों से बात करने का आदेश दिया है। केन्द्र के आदेश के बाद यूचना विभाग इस बारे में राज्य सचिवों के साथ बैठक करने जा रही हैं। जिसके बाद माना जा रहा है कि आधार कार्ड के भविष्य पर फैसला लिया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले हफ्ते ही आधार नंबर जारी करने वाली संस्था यूनिक आइडेंटिफिकेशन ऑथॉरिटी ऑफ इंडिया पर बनी कैबिनेट कमेटी को भंग कर दिया था। गौरतलब है कि यूपीए सरकार ने यूआईडीएआई यानी की आधार योजना शुरु की थी। इस स्कीम के तहत भारत के नागरिकों को 12 अंको का एक विशिष्ट पहचान संख्या दिया जाता है।
आपको बता दें कि भाजपा इस योजना का शुरू से ही विरोध करते आई है। अब जब कि भाजपा की सरकार है तो माना जा रहा है कि ज ल्द इस योजना को बंद किया जा सकता हैं। यूआईडीएआई के रिकॉर्ड के मुताबिक अब तक देश में 63 करोड़ लोगों को आधार कार्ड दिया जा चुका है।












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