बेटे के पैदा होते ही मां ने देखा जो सपना, सीपी राधाकृष्णन ने किया अब पूरा –जानें परिवार में कौन-कौन?
CP Radhakrishnan Family: भारतीय जनता पार्टी ने आगामी उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए अपने उम्मीदवार के रूप में अनुभवी नेता और मौजूदा महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन के नाम का ऐलान किया है। साधारण परिवार से निकलकर छात्र राजनीति, संगठन और संवैधानिक पदों तक की उनकी यात्रा बेहद प्रेरणादायी है। सीपी राधाकृष्णन राजनीति के जितने बड़े नाम हैं उनका परिवार उतना ही साधारण है।
तमिलनाडु के तिरुपुर जिले में शनिवार 17 अगस्त का दिन बेहद भावुक कर देने वाला रहा। एनडीए के उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किए गए सीपी राधाकृष्णन (CPR) की मां जानकी अम्माल ने घर पर केक काटकर इस ऐतिहासिक पल का जश्न मनाया। जानकी अम्माल ने भावुक होते हुए बताया कि बेटे के नाम के पीछे एक खास कहानी जुड़ी है।

🔴 जन्म के साथ ही मां ने देखा था सपना, सीपी राधाकृष्णन ने किया अब पूरा
जानकी अम्माल ने कहा -"जब मेरा बेटा पैदा हुआ था, तब हमने भगवान से प्रार्थना की थी कि वह पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जैसा बने। इसी कारण उसका नाम सीपी राधाकृष्णन रखा गया। आज भगवान सुंदरेश्वर की कृपा से वह सपना सच हो गया।"
कार्यक्रम में परिवार और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच जानकी अम्माल ने गणेश भगवान से बेटे की जीत और सफलता के लिए प्रार्थना की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी धन्यवाद देते हुए कहा -"भगवान गणेश उसकी रक्षा करें और उसे आशीर्वाद दें। प्रधानमंत्री जी का मैं आभार प्रकट करती हूं।"
🔴 परिवार से राष्ट्रीय मंच तक
सीपी राधाकृष्णन की यह भावुक पारिवारिक कहानी अब देशभर की सुर्खियों में है। तमिलनाडु में एक साधारण और सहज नेता की छवि रखने वाले CPR आज राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच चुके हैं। उनकी उम्मीदवारी सिर्फ एक राजनीतिक घोषणा नहीं, बल्कि मां के सपने का साकार होना भी है।
सीपी राधाकृष्णन का जन्म 20 अक्टूबर 1957 को तमिलनाडु के तिरुपुर जिले में हुआ। उनके पिता सीके पोन्नुसामी और माता जानकी अम्माल साधारण परिवार से ताल्लुक रखते थे। बचपन से ही राधाकृष्णन की रुचि खेल और सामाजिक गतिविधियों में रही। सिर्फ 16 साल की उम्र में ही वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और जनसंघ से जुड़ गए। यहीं से उनके राजनीतिक करियर की नींव रखी गई। समय के साथ उन्होंने संगठन और जनसंपर्क में अपनी मजबूत पहचान बनाई।

🔴 CP Radhakrishnan Wife & Child: सीपी राधाकृष्णन के परिवार में माता-पिता के अलावा उनकी पत्नी आर. सुमति और उनके बेटे-बेटी हैं। साल 1985 में राधाकृष्णन ने आर. सुमति से विवाह किया। दंपति एक बेटे और एक बेटी के माता-पिता हैं। हालांकि बेटे और बेटी का नाम पब्लिक डोमेन में नहीं है। इनका परिवार लो प्रोफाइल रहना पसंद करता है।
साधारण परिवार से निकलकर राधाकृष्णन ने चार दशकों की लंबी राजनीतिक यात्रा में संगठन से लेकर संसदीय राजनीति और संवैधानिक पदों तक का सफर तय किया। अब वे उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार हैं, जो उनकी मेहनत, संघर्ष और संगठन के प्रति समर्पण का परिणाम है।
🔴 who is CP Radhakrishnan: सीपी राधाकृष्णन के बारे में जानें सबकुछ?
सीपी राधाकृष्णन का पूरा नाम 'चंद्रपुरम पोनुसामी राधाकृष्णन' है। सीपी राधाकृष्णन ने 31 जुलाई 2024 को महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में शपथ ली। इससे पहले वे लगभग डेढ़ वर्ष तक झारखंड के राज्यपाल रहे। झारखंड के राज्यपाल रहते हुए उन्हें भारत के राष्ट्रपति द्वारा तेलंगाना के राज्यपाल का अतिरिक्त कार्यभार और पुडुचेरी के उपराज्यपाल का पद भी सौंपा गया था।
चार दशकों से अधिक के अनुभव के साथ, राधाकृष्णन तमिलनाडु की राजनीति और सार्वजनिक जीवन में एक सम्मानित नाम माने जाते हैं।

🔴 सीपी राधाकृष्णन प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
20 अक्टूबर 1957 को तमिलनाडु के तिरुपुर में जन्मे राधाकृष्णन ने बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (BBA) की डिग्री हासिल की। आरएसएस के स्वयंसेवक के रूप में उन्होंने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की और 1974 में भारतीय जनसंघ की राज्य कार्यकारिणी समिति के सदस्य बने।
🔴 सीपी राधाकृष्णन राजनीतिक सफर
- 1996: भाजपा, तमिलनाडु के सचिव नियुक्त हुए।
- 1998: कोयंबटूर से पहली बार लोकसभा के लिए चुने गए।
- 1999: दोबारा कोयंबटूर से सांसद बने।
- लोकसभा सांसद रहते हुए वे संसदीय स्थायी समिति (कपड़ा मंत्रालय) के अध्यक्ष रहे। इसके अलावा वे सार्वजनिक उपक्रम समिति, वित्त संबंधी परामर्श समिति और शेयर बाजार घोटाले की जांच के लिए बनी विशेष संसदीय समिति के सदस्य भी रहे।
🔴 सीपी राधाकृष्णन की अंतरराष्ट्रीय भूमिका
2004 में श्री राधाकृष्णन ने संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया। वे ताइवान जाने वाले पहले संसदीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्य भी रहे।
🔴 सीपी राधाकृष्णन की भाजपा संगठन में भूमिका
2004 से 2007 तक वे भाजपा तमिलनाडु इकाई के राज्य अध्यक्ष रहे। इस दौरान उन्होंने 19,000 किलोमीटर लंबी रथयात्रा निकाली, जो 93 दिनों तक चली। इस यात्रा के जरिए उन्होंने नदियों को जोड़ने, आतंकवाद खत्म करने, समान नागरिक संहिता लागू करने, छुआछूत मिटाने और नशीली दवाओं के खिलाफ अभियान जैसे मुद्दों को उठाया। उन्होंने दो और पदयात्राएं भी विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर निकालीं।
🔴 अन्य प्रमुख भूमिकाएं
✦ 2016: कोचीन स्थित कॉयर बोर्ड के अध्यक्ष बने और 4 साल तक इस पद पर रहे। उनके कार्यकाल में भारत का कॉयर निर्यात रिकॉर्ड 2,532 करोड़ रुपये तक पहुंचा।
✦ 2020-2022: भाजपा के केरल प्रभारी रहे।
✦ 18 फरवरी 2023: झारखंड के राज्यपाल नियुक्त हुए। केवल चार महीनों में उन्होंने राज्य के सभी 24 जिलों का दौरा किया और जनता व अधिकारियों से संवाद स्थापित किया।
✦ खेल और शौक: वे कॉलेज में टेबल टेनिस चैंपियन और लॉन्ग-डिस्टेंस रनर रहे। क्रिकेट और वॉलीबॉल में भी उन्हें गहरी रुचि थी।
✦ विदेश यात्राएं: वे अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, स्पेन, पुर्तगाल, नॉर्वे, डेनमार्क, स्वीडन, फिनलैंड, बेल्जियम, हॉलैंड, तुर्की, चीन, मलेशिया, सिंगापुर, ताइवान, थाईलैंड, मिस्र, यूएई, बांग्लादेश, इंडोनेशिया और जापान जैसे देशों का दौरा कर चुके हैं।












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