फेसबुक पर लड़की के नाम से बनाई प्रोफाइल, पुलिस ने कराया पोस्ट, 'मैं पुलिस कस्टडी में हूं, मैं ही निशा जिंदल हूं'
नई दिल्ली। सोशल मीडिया के इस दौर में आंख मूंदकर किसी भी बात या व्यक्ति पर भरोसा करना खतरनाक साबित हो सकता है। छत्तीसगढ़ के में एक युवक ने निशा जिंदल के नाम से फेसबुक अकाउंट बनाया और खुद को लड़की बताया। इस अकाउंट को 10000 लोग फॉलो करते थे, यानि आप इस बात का अंदाजा लगा सकते हैं कि किस तरह से लोग फर्जी अकाउंट के झांसे में आते हैं और इस तरह के अकाउंट पर साझा किए जा रहे पोस्ट पर भरोसा करते हैं। यूजर ने प्रोफाइल पर महिला की तस्वीर लगा रखी थी और इस फेक अकाउंट के जरिए वह लोगों से संपर्क स्थापित करता था।

निशा निकली रवि
पुलिस ने जब इस मामले की जांच शुरू की तो पता चला कि यह अकाउंट किसी महिला का नहीं है। इस अकाउंट को रवि नाम के व्यक्ति ने बनाया था और वही इस प्रोफाइल को चला रहे थे। प्रोफाइल में जो जानकारी दी गई है उसमे लिखा गया है कि मैं अपनी प्यारी राजकुमारी बेटी के बिना कुछ नहीं हूं। रवि इंजीनियरिंग के छात्र हैं। इस अकाउंट के जरिए लोगों में वैमनष्यता फैलाने की कोशिश की जाती थी। पुलिस जब आरोपी निशा जिंदल को गिरफ्तार करने के लिए पहुंची तो आरोपी रवि निकला। रवि पिछले 11 साल से इंजीनियरिंग पास नहीं कर सका।
पुलिस ने सच्चाई बयां करने वाला कराया पोस्ट
रवि को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने उससे इस फर्जी फेसबुक अकाउंट पर एक पोस्ट कराया ताकि इस अकाउंट को फॉलो करने वाले 10000 लोगों को सच्चाई का पता चल सके। आईएएस अधिकारी प्रियंका शुक्ला ने भी इसे पोस्ट किया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पुलिस की इस कार्रवाई की तारीफ की है। किसी भी तरह का फर्जीवाड़ा स्वीकार नहीं किया जाएगा। आइए हम मिलकर उन लोगों का पर्दाफाश करते हैं जो लोगों को गुमराह करती है। रायपुर पुलिस ने अच्छा काम किया है।
अफवाह के चलते तीन की हत्या
बता दें कि फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए लोग अफवाह फैलाने की कोशिश करते हैं, जिसकी वजह से समाज में कई बार तनाव फैलता है। हाल ही में महाराष्ट्र के पालघर में कुछ लोगों ने अफवाह फैला दी की कुछ लोग लुटेरे हैं, जिसके बाद तीन लोगों की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। इस मामले में 100 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।












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