Ghazipur: हेड कॉस्टेबल की मौत के बाद 9 गिरफ्तार, 32 के खिलाफ FIR दर्ज
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के बाद गाजीपुर में भी भीड़ की पत्थरबाजी की वजह से हेड कॉस्टेबल की मौत हो गई है। यह घटना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली के बाद हुई है। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारी निषाद पार्टी के थे और उन्होंने अपनी पार्टी के चार कार्यकर्ताओं को रिहा किए जाने की मांग के चलते सड़क जाम कर दिया था। जब पुलिस की टीम वहां लोगों को हटाने पहुंची तो प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया जिसमे पांच लोग घायल हो गए। घायलों में हेड कॉस्टेबल सुरेश वत्स भी शामिल थे जिनकी अस्पताल में मौत हो गई।

7 पुलिसकर्मी जख्मी
घटना के बाद पुलिस पुलिस लगातार आरोपियों की धरपकड़ के लिए छापेमारी कर रही है। इस घटना में कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है जिनसे पूछताछ की जा रही है। साथ ही नोनहारा पुलिस स्टेशन में 32 लोगों के खिलाफ पथराव के बाद एफआईआर दर्ज की गई है। वत्स के शव का पोस्टमार्टम आज किया गया। 7 पुलिसकर्मियों के पैर में चोट लगी है। आपको बता दें कि एक महीने के भीतर यह दूसरी घटना है जब पुलिसकर्मी को हत्या हुई है। इससे पहले 3 दिसंबर को बुलंदशहर में प्रदर्शनकारियो ने एसएचओ सुबोध कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
प्रदर्शनकारियों का आतंक
गाजीपुर में जो घटना हुई है वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली स्थल से 14 किलोमीटर दूर हुई है। निषाद पार्टी के लोगों ने पहले शनिवार को दोपहर में सड़क को बैरीकेडिंग लगा दी थी और आवागमन रोक दिया था, जिसके बाद चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया था। ये लोग आरक्षण की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। साथियों की गिरफ्तारी के बाद शाम को 5.30 बजे ये प्रदर्शनकारी एक बार फिर से जमा हो गए। तकरीबन 100-150 प्रदर्शनकारियों ने अटवारा के पास सड़क को जाम कर दिया और चार साथियों की रिहाई की मांग करने लगे।
40 लाख का मुआवजा
नोनहारा पुलिस स्टेशन के एसएचओ इंद्र राकेश मिश्रा ने बताया कि जब हम पीएम की रैली के बाद वापस लौट रहे थे तो हमने इन प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश की लेकिन इसी बीच अचानक इन लोगों ने पत्थर फेंकना शुरू कर दिया जिसमे से एक पत्थर हेड कॉस्टेबल वत्स को लग गया और वह जमीन पर गिर गए। एसपी गाजीपुर यशवीर सिंह ने बताया कि हमने मौके से दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं, साथ ही हमने प्रदर्शनकारियों के कई वीडियो भी शूट किए हैं, हम आरोपियों की पहचान कर रहे हैं। आपको बता दें कि वत्स के परिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 40 लाख रुपए का मुआवजा देने का ऐलान किया है।












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