सैम पित्रोदा के 8 बयान जिसने कराईं कांग्रेस की किरकिरी, आरक्षण के खिलाफ तो कह दी थी बहुत बड़ी बात
सैम पित्रोदा ने इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष पद से बुधवार को इस्तीफा दे दिया है। उनकी एक और टिप्पणी को लेकर बुधवार को बखेड़ा खड़ा हो गया। पित्रोदा ने कहा है कि पूर्व के लोग चीनी और दक्षिण भारतीय अफ्रीकी नागरिकों जैसे दिखते हैं।
कांग्रेस ने पित्रोदा की टिप्पणियों से खुद को अलग कर लिया है और इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। इससे पहले भी सैम पित्रोदा ने विरासत कर पर बयान देकर पार्टी को असहज कर दिया था। पित्रोदा ने कांग्रेस के घोषणापत्र में संपदा के पुन: वितरण के मुद्दे पर बात करते हुए अमेरिका में विरासत कर का उल्लेख किया था।

वैसे ये सिर्फ हाल की घटना नहीं है जब सैम ने इस तरह का विवादित बयान दिया है। पहले भी सैम पित्रोदा आरक्षण, राम मंदिर निर्माण के अलावा 2019 के चुनावों में सिखों के नरसंहार जैसी चीजों पर विवादित बयान दे चुके हैं।
IIT में न मिले आरक्षण
हाल ही में सोशल मीडिया पर सैम पित्रोदा का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें वे आरक्षण के खिलाफ बयान देते नजर आ रहे हैं। वे कहते हैं, "जब हम आरक्षण की बात करते हैं तो मेरा विश्वास है कि सबको अवसर मिलना चाहिए। मेरा मानना है कि आरक्षण का लाभ जाति, धर्म, रंग देखकर नहीं मिलना चाहिए।
लेकिन, ऐसा कैसे होगा। मेरा मानना है कि आरक्षण को लेकर हमें चर्चा करनी चाहिए कि देश के सर्वोच्च शैक्षणिक संस्थान में आरक्षण को लेकर क्या व्यवस्था होनी चाहिए। स्कूल और कॉलेज में आरक्षण देने को लेकर कोई दिक्कत नहीं है लेकिन आईआईटी और आईआईएम में आरक्षण नहीं होना चाहिए।
आरक्षण से आईआईटी और आईआईएम बिगड़ेंगे। मेरा मानना है कि यहां प्रतिभा के आधार पर मौका मिलना चाहिए।" वीडियो में उन्होंने आगे कहा, "आईआईटी और आईआईएम में अवसर में समानता होना चाहिए।
यहीं से हम देश के लिए बेहतर टैलेंट देश को देते हैं। हमें उनकी प्रतिभा पर भरोसा करके समानता का व्यवहार करना चाहिए। हमें उनके आइडिया और इनोवेशन को प्राथमिकता देना चाहिए।"
मिडिल क्लास स्वार्थी न हों
सैम पित्रोदा ने साल 2019 में मिडिल क्लास को स्वार्थी करार दिया था। एक टीवी इंटरव्यू के दौरान सैम कांग्रेस की न्याय योजना के संदर्भ में अपनी बात रख रहे थे।
इस दौरान उन्होंने कहा कि देश में अगर न्यूनतम आय योजना लागू की जाती है तो इससे थोड़ा टैक्स बढ़ जाएगा। ऐसे में मिडिल क्लास को स्वार्थी नहीं होना चाहिए और उन्हें बड़ा दिल दिखाना चाहिए।
इस बयान के बाद कांग्रेस पार्टी सकते में आ गई। पार्टी को सफाई देनी पड़ी कि अगर कांग्रेस सत्ता में आती है तो वो मध्य वर्ग पर कोई अतिरिक्त कर का बोझ नहीं डालेगी। पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम ने कहा था कि मिडिल क्लास पर टैक्स में कोई वृद्धि नहीं होगी।
सिख विरोधी दंगों पर बयान
2019 में ही लोकसभा चुनावों के दौरान सिख दंगों पर एक बयान देकर पित्रोदा फंस गए थे। पित्रोदा से जब 1984 के सिख दंगों को लेकर सवाल पूछा गया था। सवाल के जवाब में उन्होंने कहा था कि हुआ तो हुआ।
दरअसल, भाजपा ने 1984 के सिख विरोधी दंगों के लिए राजीव गांधी को मास्टरमाइंड कहा था। इस पर पूर्व प्रधानमंत्री के करीबी सहयोगी रहे पित्रोदा ने 10 मई 2019 को कहा था, अब क्या है 1984 का। भाजपा ने 5 साल में क्या किया, उसकी बात करें। 84 हुआ तो हुआ, आपने क्या किया।
एक बार फिर से सैम पित्रोदा कांग्रेस को परेशानी में डाल गए। हालांकि, कांग्रेस ने बीजेपी पर पित्रोदा के बयान को तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप लगाया था। बाद में सैम पित्रोदा को माफी मांगनी पड़ी।
मंदिर से रोजगार नहीं मिलेगा
सैम पित्रोदा ने पिछले साल राम मंदिर को लेकर भी बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि बेरोजगारी, अर्थव्यवस्था जैसे मुद्दे को छोड़कर धार्मिक मामलों को तरजीह दी जा रही है। उन्होंने कहा था कि मंदिरों से नौकरियां पैदा नहीं होंगी। बीजेपी ने इस टिप्पणी को लेकर कांग्रेस की आलोचना की थी।
बालाकोट एयरस्ट्राइक पर सवाल
पुलवामा में आतंकी हमले के जवाब में भारत ने पाकिस्तान के बालाकोट में एयरस्ट्राइक की थी। इस पर सवाल उठाते हुए 22 मार्च 2019 को पित्रोदा ने कहा था कि ऐसे हमले होते रहते हैं। कुछ आतंकियों ने हमला किया, इसकी सजा पूरे पाकिस्तान को क्यों दी जा रही है।
उन्होंने मारे गए चरमपंथियों की संख्या को लेकर भी सवाल किया और कहा है कि उन्हें इस बारे में और अधिक जानना है। कांग्रेस नेता के इस बयान पर पीएम मोदी ने पलटवार किया था।
संविधान बनाने में नेहरू का अधिक योगदान
इसी साल जनवरी में सैम पित्रोदा ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि जवाहरलाल नेहरू ने संविधान के निर्माण में बीआर अंबेडकर की तुलना में अधिक महत्वपूर्ण योगदान दिया था। इसके बाद उनके बयान की काफी आलोचना हुई।
सैम पित्रोदा के बहाने बीजेपी ने कांग्रेस को दलित विरोधी बताया। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि दलितों और आंबेडकर के प्रति कांग्रेस की 'नफरत' नयी नहीं है विवाद बढ़ने पर सैम पित्रोदा ने इस पोस्ट को डिलीट कर दिया।












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