Assam Flood: असम में भयावह हुए बाढ़ के हालात, 20 हुई मरने वालों की संख्या
नई दिल्ली। असम में बाढ़ से लोगों का बुरा हाल है। बदतर हालातों के चलते 52 लाख लोग राज्य में प्रभावित हुए हैं। वहीं मंगलवार को 5 अन्य की मौत के बाद मरने वालों का आंकड़ा 20 पहुंच चुका है। ये भी तब देखने को मिल रहा है जबकि बीते एक दिन से एनडीआरएफ के साथ-साथ भारतीय सेना भी बचाव कार्य में जुट गई है।

राज्य सरकार ने जारी किया था रेड अलर्ट
राज्य में बाढ़ की स्थिति विकट होने के चलते असम सरकार ने सोमवार को राज्य में रेड अलर्ट घोषित कर दिया है। इस बीच हजारों लोग बेघर हो गए हैं। पूर्वोत्तर राज्य के 30 जिलों में हजारों गांव जैसे धेमाजी, लखीमपुर, बिश्वनाथ, सोनितपुर, दर्रांग, उदलगुरी, बक्सा, बारपेटा, नलबाड़ी, चिरांग, बोंगाईगांव और कोकराझार में मंगलवार तक लगातार बारिश जारी रही। यहां 4,600 से अधिक गांव बाढ़ के पानी में डूब गए है, और पूर्वोत्तर राज्य में 11 नदियां खतरे के स्तर से ऊपर बह रही हैं। गुवाहाटी से होकर गुजर रही ब्रह्मपुत्र नदी का जल स्तर भी नहीं गिरा है।

काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में स्थिति में सुधार
मंगलवार को वन अधिकारियों ने बताया था कि काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान (एक सींग वाले गैंडे का घर) का 95 प्रतिशत हिस्सा बाढ़ से प्रभावित हुआ है। बता दें कि अब ये पानी धीरे धीरे निकलने लगा है। पिछले दो दिनों में बाढ़ से 17 जंगली जानवरों की मौत हुई है। जानवरों को डूबने से बचने के लिए पार्क से बाहर निकलते देखा गया था। राज्य में कृषि गतिविधियां भी प्रभावित हुई हैं, जिससे लगभग 90,000 हेक्टेयर कृषि भूमि बाढ़ की भेंट चढ़ गई है। राज्य सरकार के अनुसार, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को बचाने के लिए 380 कर्मियों वाली 15 राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमें तैनात की गई। राज्य के स्वास्थ्य विभागको भी चिकित्सा मुद्दों को संबोधित करने का निर्देश दिया गया है।

बाढ़ पीड़ितों की मदद को जुटी सेना
मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनेवाल ने कहा कि राज्य के मंत्रियों और जन प्रतिनिधियों को बाढ़ पीड़ितों की मदद करने और व्यक्तिगत रूप से बचाव कार्यों की निगरानी करने के लिए कहा गया है। इसके अलावा सेना भी लोगों की मदद के लिए जुटी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्थिति का जायजा लेने के लिए सोमवार को सोनोवाल को बुलाया था। मुख्यमंत्री ने उन्हें बाढ़ से हुए बड़े पैमाने पर विनाश से अवगत कराया, और राहत के उपायों का विवरण दिया। केंद्र सरकार ने राज्य को इस संबंध में हर संभव सहायता और सहयोग का आश्वासन दिया है। गृह मंत्री अमित शाह ने इससे पहले NDRF सहित केंद्रीय एजेंसियों को निर्देश दिया था कि वे बचाव और पुनर्वास के प्रयासों में मदद करने में कोई कसर न छोड़ें।
यह भी पढ़ें- असम में बाढ़ ने मचाया हाहाकार, अभी तक 6 लोगों की मौत, राहत कार्य के लिए बुलाई गई सेना












Click it and Unblock the Notifications