जानिए 5 कारण कि क्यों पारिकर को मिल रहा है रक्षा मंत्रालय?
नयी दिल्ली। गोवा में मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालने वाले मनोहर पार्रिकर अपनी सादगी और ईमानदार छवि के लिए जाने जाते हैं। उनकी इन्हीं गुणों के कारण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी उनपर फिदा है। पार्रिकर के इसी गुणों का नतीजा है कि मोदी उन्हें अपने कैबिनेट में शामिल करना चाहते हैं।

मोदी अपने मंत्रीमंडल का विस्तार करने जा रहे हैं। ऐसे में खबर आ रही है कि गोवा के सीएम मनोहर पार्रिकर को रक्षा मंत्रायल का कार्यभार दिया जा सकता है। पार्रिकर सदैव से मोदी के प्रशंसक रहे हैं। ऐसे में हम आपको बता रहे हैं वो पांच कार जिसनी वजह से उन्हें मं6मंडल में शामिल किए जाने की सुगबुगाहट हो रही हैं।
सख्त फैसले लेने में सक्षम: मनोहर पार्रिकर ने अपने अब तक के राजनीतिक करियर में कई बार सख्त फैसले लिए हैं। ऐसे में उम्मीद की जा रही रक्षा मंत्री के तौर पर वो सख्त फैसले ले पाएंगे। वहीं मोदी रक्षा मंत्रालय के लिए ऐसे ही व्यक्तित्व की तलाश कर रहे थे जो पाकिस्तान और चीन जैसे देशों के खिलाफ सख्त से सख्त कदम उठा पाएं।
संघ के चहेते: मनोहर पार्रिकर संघ के काफी करीबी रहे हैं। संघ के बीच उनकी लोकप्रियता काफी अच्छी है। उनकी लोकप्रियता का अंजादा इसी बात से लगाया जा सकता है कि भाजपा नेता नितिन गडकरी से पहले संघ ने बाजपा के अध्यक्ष पद के लिए पार्रिकर का नाम बढ़ाया था।
मोदी कैंप के अगले पोस्टरबॉय: मनोहर पार्रिकर मोदी कैंप के अगले पोस्ट बॉय के तौर पर देखे जा रहे हैं। जिस तरह से लोकसभा चुनाव के वक्त नरेन्द्र मोदी ने गुजरात मॉर्डल को प्रचारित किया था उसी तरह पार्रिकर ने भी गोवा के विकास पर पूरा ख्याल रखा जा रहा है। ऐसे में बाजपा उन्हें बेस्ट भाजपा मुख्यमंत्री के तौर पर देखती है।
विकास को दिया पहला स्थान: पार्रिकर भले ही संघ के प्रचारक रहे हो या भाजपा के हिन्दुत्व के समर्थक, उन्होंने एक सच्चे मुख्यमंत्री के तौर पर हमेशा विकास को मुद्दा बनाया है। उन्होंने संघ के आदर्शों को कभी भी राज्य के विकास के बीच नहीं आने दिया।
टास्क मास्टर है पार्रिकर: मनोहर पार्रिकर को टास्क मास्टर के तौर पर देखा जाता है। मोदी सरकार को उम्मीद है कि रक्षा मंत्री के तौर पर वो पाकिस्तान के सीजफायर उल्लधंन का मुंहतोड़ जवाब देंगे। चीन के साथ सीमा विवाद पर सख्त कदम उठाएंगे।












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