400 CA-CS नपेंगे! चीन की शेल कंपनियों पर दिखाई दरियादिली, अब होगी बड़ी कार्रवाई
नई दिल्ली, 19 जून: 400 चार्टर्ड अकाउंटेंट और कंपनी सचिवों पर कभी भी गाज गिर सकती है। इन सबपर सभी नियम-कानूनों को ताक पर रखकर चीन की फर्जी कंपनियों की मदद करने का आरोप है। ऐसे सीए और सीएस की पहचानकर उनके खिलाफ जांच शुरू की जा रही है और दोष सिद्ध होने पर उनके खिलाफ सख्त से सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है। फिलहाल कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय ने संबंधित संस्थाओं को इसकी सिफारिश कर दी है।

400 सीए-सीएस नपेंगे!
अंग्रेजी अखबार दि हिंदू की एक रिर्पोर्ट के मुताबिक केंद्र सरकार ने 400 चार्टर्ड अकाउंटेंट और कंपनी सचिवों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की है। इन सभी सीएम और सीएस पर कथित रूप से महानगरों में मानदंडों और नियमों का उल्लंघन करके चाइनीज शेल कंपनियों को निगमित करने का आरोप है। 2020 में पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में चीन की सेना पीएलए के साथ हुई हिंसक झड़पों के बाद भारत सरकार ने चीन की संदिग्ध कंपनियों के खिलाफ कई तरह के कदम उठाए हैं और मौजूदा कदम भी उसी में शामिल है।

खुफिया सूचना के आधार पर कार्रवाई की तैयारी
सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने संबंधित अखबार से कहा है कि जिन चार्टर्ड अकाउंटेंट और कंपनी सचिवों के खिलाफ अनुशासना्त्मक कार्रवाई शुरू की गई है, उन्होंने बड़ी संख्या में चीन के स्वामित्व वाली या चीनियों की ओर से बड़े शहरों में चलाई जाने वाली शेल कंपनियों को नियमों और कानून के पर्याप्त अनुपालन के बिना इनकॉर्पोरेट करने में मदद की थी। कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय ने पिछले दो महीनों से वित्तीय खुफिया यूनिट से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई की सिफारिश की है। मंत्रालय के प्रवक्ता ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की।

जांच पूरी होने का इंतजार
देश में चार्टर्ड अकाउंटेंट मामलों को देखने वाली वैधानिक संस्था इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) ने अखबार को दिए एक बयान में कहा है, 'आईसीएआई का अनुशासनात्मक निदेशालय सीए प्रोफेशनलों के खिलाफ देश भर के विभिन्न रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज से शिकायतें प्राप्त कर रहा है, जो कि चीनी नागरिकों से जुड़ी कंपनियों के साथ उनके कथित रूप से ताल्लुकातों को लेकर है।' हालांकि, आईसीएआई ने फिलहाल उनके कथित दोष को लेकर जांच पूरी होने से पहले किसी तरह की टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।

कई चाइनीज कंपनियों पर गिर चुकी है गाज
कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय ने इसी साल अप्रैल में सीए और सीएस के खिलाफ उनके संबंधित इंस्टीट्यूट की ओर से उन्हें ज्यादा जवाबदेह बनाने और समय-बद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई को लेकर चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऐक्ट, 1949, कॉस्ट एंड वर्क अकाउंटेंट ऐक्ट, 1959 और कंपनीज सेक्रेटरी ऐक्ट, 1980 में संशोधन किया था। इस मामले में इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया (आईसीएसआई) की प्रतिक्रिया का अखबार को इंतजार है। पिछले साल अक्टूबर से लेकर टेलीकॉम, फिनटेक और निर्माण से जुड़ी करीब आधा दर्जन चाइनीज कंपनियों पर आयकर चोरी के आरोपों में आयकर अधिकारी छापेमारी की भी कार्रवाई कर चुके हैं।

चीन से एफडीआई गिरा, लेकिन व्यापार में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
हालांकि, पिछले दो वर्षों में सरकार के सख्त कदमों के चलते चाइनीज कंपनियों से आने वाला प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) एकदम गिर गया है, लेकिन पिछले साल दोनों के बीच द्विपक्षीय व्यापार रिकॉर्ड 125 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटर्नल ट्रेड के आंकड़ों के मुताबिक 2020 में अप्रैल से जून (साल 2000 से लेकर) के बीच चीन से एफडीआई 15,422 करोड़ रुपए था, लेकिन 2022 की पहली तिमाही में यह गिरकर 12,622 करोड़ रुपये तक आ चुका है। (तस्वीरें- प्रतीकात्मक)












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