NCR में 300 करोड़ के GST घोटाले का भंडाफोड़, सीए समेत तीन गिरफ्तार
मेरठ। जीएसटी इंटेलिजेंस टीम ने नोएडा, गाजियाबाद और दिल्ली में एक 300 करोड़ रुपए के जीएसटी घोटाले का सोमवार को भंडाफोड़ किया। जीएसटी चोरी के मामले में डीजीजीआई (डायरेक्ट्रेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस) ने एक सीए समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। गाजियाबाद, नोएडा और दिल्ली की फर्मों के साथ मिलकर करीब 297 करोड़ रुपये से अधिक के फर्जी खरीद-बिक्री बिल तैयार करने और फर्जी तरीके से 50 करोड़ रुपए रिफंड हासिल करने का मामला सामने आया है।

मेरठ स्थित डीजीजीआई कार्यालय की कई टीमों ने सोमवार को गाजियाबाद, नोएडा और दिल्ली में छापेमारी की थी। जिसमें दिल्ली के चंद्र विहार से एक सीए, एक टैक्स अधिवक्ता और उनके एक सहयोगी को गिरफ्तार किया। स्थानीय व्यापारियों ने सूचना थी कि, कुछ लोग बड़े पैमाने पर फर्जी टैक्स बिल तैयार कर आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) क्लेम कर रहे हैं। इस काम में कई फर्जी फर्म शामिल हैं, जो जीएसटी के तहत रजिस्टर्ड हैं लेकिन वास्तविकता में उनका कोई अता-पता नहीं है।
ये लोग बिना लेनदेने के इन कंपनियों के नाम पर करोड़ों का व्यापार दिखाकर टैक्स इनवायस तैयार करते थे। फर्जी ई-बिल और रसीद तैयार कर करीब 20 कंपनियों के नाम पर जीएसटी टैक्स की चोरी कराते थे। गिरोह के बारे में मिली शिकायत के बाद काफी वक्त से उनके काम पर निगरानी रखी जा रही थी। सबूत जुटाने के बाद सोमवार को तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया। तीनों को मंगलवार को मेरठ में स्पेशल सीजेएम की अदालत में पेश किया गया। जहां से तीनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
जिन तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है उनकी पहचान टैक्स अधिवक्ता राहुल जैन पुत्र आरके जैन निवासी आईपी एक्सटेंशन दिल्ली, सीए (चार्टर्ड अकाउंटेट) मधुसूदन पांडे पुत्र बीबी पाण्डे निवासी पटपड़गंज नई दिल्ली और उनके दफ्तर में काम करने वाले अखिलेश शर्मा पुत्र हरिओम शर्मा निवासी चन्द्रविहार दिल्ली को तौर पर हुई है।












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