आंध्र के पुष्कर मेले में भगदड़, 27 मरे, 60 घायल
राजामुंदरी (आंध्र प्रदेश)। आंध्र प्रदेश के राजामुंदरी शहर में गोदावरी नदी के तट पर मंगलवार सुबह शुरू हुए 12 दिवसीय पुष्कर मेले (पुष्करालु) में भगदड़ मचने से 27 श्रद्धालुओं की मौत हो गई और 60 से ज्यादा घायल हो गए।

मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने मृतकों के आश्रितों को 10-10 लाख रुपये की आर्थिक मदद का ऐलान किया है।मुख्यमंत्री ने नियंत्रण कक्ष से स्थिति का जायजा लिया और श्रद्धालुओं से कतारों में बने रहने की अपील की।
अधिकारियों ने बताया कि मृतकों में 11 महिलाएं और चार बच्चे शामिल हैं। ये सभी तटीय आंध्र प्रदेश के रहने वाले थे।शवों को राजामुंदरी के सरकारी अस्पताल में रखवाया गया है। घायलों को भी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें से कुछ की हालत नाजुक बताई गई है। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है।
अधिकारियों ने बताया कि भगदड़ मेले के पहले दिन पूर्वी गोदावरी जिले के राजामुंदरी में गोदावरी नदी के तट पर स्नान घाटों में से एक पर मची।
बताया गया कि गोदावरी नदी के तट पर कोटगुम्मम पुष्कर घाट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु घाट के तीनों द्वारों की ओर बढ़ रहे थे और एक-दूसरे से आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे थे, उसी दौरान अचानक भगदड़ मच गई।
अधिकारियों ने कहा कि श्रद्धालुओं में सुबह-सुबह घाट पर पहुंचने और गोदावरी में डुबकी लगाने की होड़ मची हुई थी।
मंगलवार सुबह शुरू हुए गोदावरी महापुष्कर मेले में चंद घंटों बाद ही भगदड़ मच गई। बताया जाता है कि 144 वर्षो बाद अत्यंत शुभ मुहूर्त आने के कारण श्रद्धालुओं में जल्द से जल्द गोदावरी स्नान के लिए होड़ लग गई।
इस मेले को दक्षिण भारत का 'कुंभ मेला' माना जाता है। पुष्कर मेला तेलंगाना और आंध्र प्रदेश दोनों राज्यों में शुरू हुआ है।मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने मंगलवार सुबह राजामुंदरी में गोदावरी नदी में पवित्र स्नान किया। इसके बाद हादसे की सूचना मिलते ही हालात का जायजा लेने के लिए वह मेला परिसर में बने नियंत्रण कक्ष में पहुंचे।
उन्होंने श्रद्धालुओं से प्रवेश व निकास के लिए कतारों में बने रहने और कम भीड़भाड़ वाले घाटों की ओर रुख करने का अनुरोध किया।
घाट पर भीड़ को नियंत्रित कर पाने में प्रशासन की विफलता और श्रद्धालुओं को क्रम में बनाए रखने के लिए उचित प्रबंध का अभाव भगदड़ की वजह बना।
इस हादसे के बाद अधिकारी 'वीआईपी घाट' आम जनता के लिए खोलने को मजबूर हो गए। श्रद्धालु भी कम भीड़भाड़ वाले घाटों की ओर रुख करने लगे।हादसे के बाद घायलों से मिलने अस्पताल पहुंचे चंद्रबाबू नायडू ने प्रत्येक मृतक के परिवार को 10 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की।
इस घटना पर अफसोस प्रकट करते हुए मुख्यमंत्री ने रुंधे गले से कहा कि प्रशासन की तमाम सावधानियों के बावजूद हादसा हो गया।
उन्होंने कहा कि मेला खत्म होने के बाद हादसे की विस्तृत जांच कराई जाएगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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