कश्मीर घाटी में सोशल मीडिया से हटाया गया बैन, 26 अप्रैल को 22 साइट्स हुई थीं बैन
जम्मू कश्मीर सरकार ने अप्रैल माह में घाटी में 22 सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर बैन लगा दिया था। अब एक माह बाद इस बैन का हटाया गया है। सरकार ने राष्ट्रविरोधी ताकतों को रोकने के लिए उठायाा था कदम।
श्रीनगर। घाटी में सोशल मीडिया साइट्स की वापसी हो गई है। जम्मू कश्मीर सरकार ने उन सभी 22 सोशल नेटवर्किंग साइट्स से बैन हटा लिया जिन्हें अप्रैल माह में बैन कर दिया गया था। सरकार की ओर से राष्ट्रविरोधी तत्वों को रोकने के लिए यह बैन लगाया था।

सरकार की ओर से आधिकारिक बयान नहीं
सरकार की ओर से अभी तक इस बाबत कोई भी आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है लेकिन शुक्रवार से यूजर्स सोशल मीडिया साइट्स को एक्सेस कर पा रहे हैं। राज्य सरकार की ओर से 26 अप्रैज को इन साइट्स को तब बैन किया गया जब मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने एक खास मीटिंग बुलाई थी। सरकार की ओर से कहा गया इन साइट्स का प्रयोग घाटी में विवादित कंटेंट के सर्कुलेशन के लिए हो रहा है। इस कंटेंट के जरिए लोगों में प्रशासन और सुरक्षा बलों के खिलाफ गुस्सा भड़काया जा रहा है। सरकार का कहना था कि सोशल मीडिया की वजह से लोग बड़े स्तर पर अपराध कर रहे हैं और राज्य की शांति को भंग करने में लगे हैं।
यूएन ने भी की बैन हटाने की अपील
कश्मीर घाटी में हिंसा और विरोध प्रदर्शनों को रोकने के लिए अक्सर ही इंटरनेट को बंद कर दिया जाता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2012 से लेकर 2016 तक घाटी में 31 बार इंटरनेट को ब्लॉक किया जा चुका है। लेकिन यह पहला मौका था जब अथॉरिटीज की ओर से सोशल नेटवर्किंग साइट्स को पूरी तरह से ही बैन कर दिया गया था। 11 मई को यूनाइटेड नेशंस (यूएन) ने इस मामले में हस्तक्षेप किया और भारत सरकार से कहा कि वह जम्मू कश्मीर में इंटरनेट सर्विसेज को बहाल कर फ्रीडम ऑफ स्पीस को वापस लाए।












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