सोनिया गांधी की अध्यक्षता में 22 विपक्षी दलों ने की बैठक, 'अम्फान' को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग
नई दिल्ली। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस ने भारत को पूरी तरह से अपनी चपेट में ले लिया है, हर संभव कोशिश के बाद भी संक्रमण के फैलाव पर काबू नहीं पाया जा सका है। इसके लिए विपक्ष ने सीधे तौर पर मोदी सरकार की कमजोर रणनीति को जिम्मेदार ठहराया है। कोरोना वायरस को लेकर 22 विपक्षी दलों ने शुक्रवार को बैठक की। इस मीटिंग में ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भीषण तबाही मचाने वाले चक्रवाती तूफान अम्फान पर भी जिक्र हुआ। विपक्षी दलों ने एक सुर में मोदी सरकार से 'अम्फान' को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की है।
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गौरतलब है कि ओडिशा और पश्चिम बंगाल में अब तक चक्रवाती तूफान अम्फान से 76 लोगों की जान जा चुकी है, सरकार ने मृतकों के लिए 2-2 लाख रुपए मुआवजे का ऐलान किया है और खुद पीएम मोदी ने शुक्रवार को हेलीकॉप्टर से तूफान की तबाही का जायजा लिया। बैठक में विपक्ष ने सरकार को घरेते हुए 'अम्फान' को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की है। हालांकि इस बैठक से सपा, बसपा और आप ने बैठक से किनारा कर लिया है।
कांग्रेस प्रवक्ता आरएस सुरजेवाला ने अपने एक ट्वीट में बताया कि कोरोना वायरस और आर्थिक महामारी पर चर्चा के लिए 22 राजनीतिक दलों की बैठक बुलाई गई, इस दौरान पश्चिम बंगाल और उड़ीसा में अम्फान साइक्लोन से हुई मौतों पर शोक व्यक्त किया गया। बैठक में विपक्षी दलों ने आपदा के प्रभाव का सामना करने में राज्यों की पर्याप्त मदद करने का आह्वान किया। 22 दलों के नेताओं ने इस संबंध में एक प्रस्ताव भी पारित किया है। सोनिया गांधी के आह्वान पर आयोजित की गई इस बैठक में पूर्व पीएम एचडी देवेगौड़ा, राहुल गांधी, शरद पवार,पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी, उद्धव ठाकरे सहित कई दिग्गज नेता मौजूद रहे।
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