Aarushi Hemraj murder case: पापा ने ही खींची थी आरुषि की आखिरी फोटो, इसी कपड़े में मिली थी लाश

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इलाहाबाद। देश के सबसे बड़े हत्याकांड में से एक आरुषि-हेमराज मर्डर केस में आज एक बड़ा फैसला आया है, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डॉ. राजेश और नूपुर तलवार को बरी कर दिया है। तलवार दंपति ने सीबीआई कोर्ट के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की थी। 26 नवंबर, 2013 को उनको सीबीआई कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी। तलवार दंपति इस समय गाजियाबाद के डासना जेल में सजा काट रहे हैं। कोर्ट ने कहा कि सीबीआई जांच में कई तरह की खामियां है इसलिए संदेह के आधार पर तलवार दंपति को सजा देने की बात सही नहीं है।

 आखिर आरूषि थी कौन?

आखिर आरूषि थी कौन?

खैर एक घंटे पहले तक दुनिया जिन्हें हत्यारा मान रही थी, वो एक घंटे बाद बरी हो गए हैं। लेकिन कुछ सवाल अभी अनसुलझे हैं, जिनके बारे में अब जवाब कौन देगा, ये ही बात सबके दिल में कौंध रही है। आखिर आरूषि थी कौन, जिसकी मौत ने पूरे भारत में तहलका मचा दिया। जिसे जिंदा रहते तो कोई भी नहीं जान पाया लेकिन जिसकी मौत ने उसे पूरे हिंदुस्तान में जिंदा कर दिया था।

Aarushi-Hemraj Case: Allahabad HC acquits Rajesh and Nupur Talwar | वनइंडिया हिंदी
 पापा राजेश तलवार ने ही क्लिक की थी

पापा राजेश तलवार ने ही क्लिक की थी

आरूषि की जो मुस्कुराती फोटो दुनिया के सामने सबसे पहले आई थी वो उसके पापा राजेश तलवार ने ही क्लिक की थी । जिस ड्रेस में आरुषि की आखिरी फोटो ली गई थी, उसी में वह सुबह मृत पाई गई। 15 मई, 2008 की रात जन्मदिन मनाने को लेकर आरुषि अपने मम्मी-पापा से बात कर रही थी। इस दौरान उसने अपने गिफ्ट के बारे में पूछा तब पिता डॉ राजेश ने कैमरा दिखाया था। इसे उन्होंने ऑनलाइन खरीदा था। कैमरा देखकर आरुषि काफी खुश हो गई थी।

15 मई की रात 10 बजकर तीन मिनट 39 सेकेंड

15 मई की रात 10 बजकर तीन मिनट 39 सेकेंड

फोटो खिंचवाने की शौकीन आरुषि ने नए कैमरे से भी एक फोटो लेने के लिए कहा था। इस पर डॉ राजेश ने उसकी फोटो खींची थी। फोटो की डिटेल से पता चलता है कि इसे 15 मई की रात 10 बजकर तीन मिनट 39 सेकेंड पर लिया गया था। इस बारे में डॉ तलवार ने स्वयं बताया था कि अपनी पसंदीदा स्काई ब्लू टीशर्ट में फोटो देखकर वह काफी खुश हुई थी। नोएडा के मशहूर डीपीएस में पढ़ने वाली आरुषि फोटो खिंचवाने की बेहद शौकिन थी।

मां-बाप पर लगा खून का आरोप...

मां-बाप पर लगा खून का आरोप...

आरुषि की अनगिनत तस्वीरें देखने पर सिर्फ एक ही बात जेहन में कौंधती है, वो बेहद जिंदादिल और खुशमिजाज लड़की थी। हर तस्वीर में धूप की तरह खिलखिलाती और अल्हड़ नदी की तरह घूमती फिरती लड़की। सिर्फ 14 साल की उम्र में इस लड़की की आंखों में न जाने कितने सतरंगी सपने थे। लेकिन अचानक एक दिन इन सपनों पर खून का रंग चढ़ा दिया गया और खून का आरोप लगा उस पर जिनके खून का वो हिस्सा थी , जिन्होंने उसे जन्म दिया था यानी कि उसके मां-बाप पर।

हेमराज का शव

हेमराज का शव

गौरतलब है कि 16 मई 2008 की सुबह लगभग 7 बजे नोएडा पुलिस को सेक्‍टर-25 L-32 में रहने वाले राजेश तलवार ने सूचना दी कि उनकी इकलौती बेटी की हत्‍या हो गई है। पॉश कॉलोनी में हत्‍या की खबर पाकर पुलिस खेमे में हड़कंप मच गया। सेक्‍टर 20 थाने की पुलिस फौरन मौके पर पहुंची और पता चला कि आरुषि के सिर और गले को किसी धारदार हथियार से काटा गया है। घटना के वक्‍त नौकर हेमराज के गायाब होने से पुलिस का शक सीधे हेमराज पर गया। पुलिस ने बिना मामले को जांचे परखे एक टीम गठित कर दी और उसे नेपाल रवाना कर दिया गया। अगले दिन सुबह राजेश तलवार की छत पर ही हेमराज का शव बरामद हुआ था।

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English summary
Aarushi’s parents did not murder her says Allahabad High Court. Last picture of Aarushi taken by her father Rajesh Talwar.
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