सरकार ने सीमा जासूसी के लिए बनाया है ये प्लान, चीन के हर एक्शन पर होगी नजर
सरकार के इस कदम से 'डेड' मानी जाने वाली एसएसबी की नागरिक शाखा मुख्य धारा से जुड़ पाएगी।
नई दिल्ली। सरकार ने भारत-चीन बॉर्डर पर खुफिया नेटवर्क को मजबूत करने का प्लान बनाया है जिसके तहत डेड मानी जाने वाली सशस्त्र सीमा बल ( एसएसबी) की नागरिक शाखा आईबी के हवाले की जाएगी। उसके भंडार और अन्य चीजें जैसे जमीन, बुनियादी ढांचा, उपकरण जैसी चीजे आईबी के अंडर में होगा। सरकार ने सीनईमा जासूसी योजना को मंजूरी दे दी है।

सीमा जासूसी योजना को मंजूरी
खुफिया नेटवर्क को मजबूत करने के लिए सरकार ने सीमा जासूसी योजना को मंजूरी देते हुए तय किया है कि सशस्त्र सीमा बल की नागरिक शाखा के 2000 से अधिक कर्मचारी पूर्वी सीमा पर खुफिया ब्यूरो की उपस्थिति बढ़ाने के लिए आईबी में भेज दिए जाएंगे। जिससे सीमा पर खुफिया तंत्र मजबूत होगा।

एसएसबी की नागरिक शाखा मुख्य धारा से जुड़ पाएगी
सरकार के इस कदम से 'डेड' मानी जाने वाली एसएसबी की नागरिक शाखा मुख्य धारा से जुड़ पाएगी। सशस्त्र सीमा बल की नागरिक शाखा की कुल 2,765 चौकियां अगले सालभर में आईबी की कमान में आ जाएंगी। इनमें से 2,039 चौकियां अभी ऐक्टिव हैं। एक सुरक्षा अधिकारी के मुताबिक एसएसबी की नागरिक इकाई को काफी हद तक 'डेड' माना जाता है, क्योंकि उसमें प्रमोशन और काम के ज्यादा मौके नहीं हैं। यही वजह है कि इस इकाई को पूर्वी सीमा पर आईबी की उपस्थिति बढ़ाने के लिए तैनात किया जाएगा।
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खुफिया नेटवर्क बनाने का प्लान
एसएसबी की नागरिक इकाई के कर्मियों की औसत उम्र 50 से अधिक है। इन लोगों ने नेपाल और भूटान सीमाओं पर रहने वाले लोगों के साथ काफी काम किया है। उन्होने लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने का काम किया है। जिसका फायदा उन्हें खुफिया नेटवर्क बनाने में मिलेगा। आपको बता दें कि चीन के साथ युद्ध के बाद इस शाखा को सीमावर्ती क्षेत्रों में काम करने और स्थानीय लोगों के बीच राष्ट्रीय अपनत्व और भारत समर्थक भावना जगाने के लिए पहली बार गठित किया गया था।












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